कर्मचारी मार्गदर्शन / परामर्श/ विमर्श तथा स्वास्थ्य सेवाएं - Employee Guidance / Counseling / Counseling and Health Services
कर्मचारी मार्गदर्शन / परामर्श/ विमर्श तथा स्वास्थ्य सेवाएं - Employee Guidance / Counseling / Counseling and Health Services
कर्मचारी मार्गदर्शन की अवधारणाएं- यदि कर्मचारी के व्यवहार में निम्न परिवर्तन हो तो
मार्गदर्शन की आवश्यकता है:-
ज्यादा थकावट के कारण अत्यधिक संघर्ष
उपचार करवाने की परिस्थिति में भी उपचार से मना करना।
• कार्य के प्रति गुस्सा ।
• अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रयास।
व्यक्तिगत समस्याएं- व्यक्तिगत समस्याएं जीवन का एक हिस्सा है। व्यक्तिगत समस्याएं कार्य प्रदर्शन को प्रभावित करती है। व्यक्तिगत समस्याओं के कारण समय व्यर्थ, कार्य से अनुपस्थित होना, कार्य छोड़कर चले जाना, ज्यादा चिंतित रहना आदि समस्याएं पैदा हो सकती है जिससे उत्पादक पर असर पडता है।
परामर्श प्रोग्रामों की प्रक्रिया-
1. समस्याओं का पता लगाना।
2. शिक्षा देना
3. मार्गदर्शन / परामर्श देना ।
4. कर्मचारी को रेफर करना / रेफरल
5. पूर्ण उपचार।
6. जांच करना।
(1) समस्याओं का पता लगाना:- सर्वप्रथम प्रशिक्षण व विकास कार्यक्रम या किसी परामर्श / मार्गदर्शन के लिए असली समस्या का पता लगाना आवश्यक है। समस्याएं निम्न प्रकार से पहचानी जाती है
• कर्मचारियों की अनुपस्थिति के रिकार्ड से
सुपरवाईसर के निगरानी से।
रेफरल द्वारा।
इच्छिक भागीदारी द्वारा।
(2) शिक्षा देना : - कर्मचारियों को शिक्षा देने के विभिन्न स्त्रोत निम्नलिखित हो सकते है।
पेम्फलैटस द्वारा
• विडीयों द्वारा
• लैक्चर द्वारा।
• टेलीविजन ।
• रेडियों तथा अन्य मीडिया के द्वारा।
(3) मार्गदर्शन / परामर्श देना:- कुछ ऐसे लोग जिनसे कर्मचारी खुलकर बात करते है उन्हें
कर्मचारियों का मार्गदर्शन करना चाहिए। वह व्यक्ति निम्न लोग हो सकते है।
सुपरवाईजर
• कोच
मानव संसाधन विकास काउसंलर
• पेशेवर काउसंलर
(4) रेफरल :- कर्मचारियों को मार्गदर्शन के लिए अन्य स्त्रोत के पास भेजा जा सकता है
जैसे:-
• मैरिज काउसंलर
• चिकित्सक
• शराबी गुमनाम व अन्य
• चिकित्सा केंद्र
(5) पूर्ण उपचार: - समस्याओं के समाधान के कुछ उपाय जैसे-
समूहिक थैरिपी
दवाईयां
• एकांकी थैरिपी ?
• मनसिक थैरिपी आदि दी जाती है।
(6) जांच करना:-
कर्मचारी इलाज पूर्ण रूप से करवा रहा है या नहीं
कर्मचारियों की बेहतरी की सूचनाएं एकत्रित करना ।
उपचार व रेफरल प्रभाविक है या नहीं, की जांच करना।
• चिकित्सक
• शराबी गुमनाम व अन्य
• चिकित्सा केंद्र
(5) पूर्ण उपचार: - समस्याओं के समाधान के कुछ उपाय जैसे-
समूहिक थैरिपी
दवाईयां
• एकांकी थैरिपी ?
• मनसिक थैरिपी आदि दी जाती है।
(6) जांच करना:-
कर्मचारी इलाज पूर्ण रूप से करवा रहा है या नहीं
कर्मचारियों की बेहतरी की सूचनाएं एकत्रित करना ।
उपचार व रेफरल प्रभाविक है या नहीं, की जांच करना।
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