नियोक्ताओं की वैश्वीकरण के प्रति प्रतिक्रियाएं - Employers' Responses to Globalization

नियोक्ताओं की वैश्वीकरण के प्रति प्रतिक्रियाएं - Employers' Responses to Globalization


• उत्पाद की लागतों में कमी तथा उत्पाद कार्यों में अधिक सुविधाएं।


बाहरी स्त्रोतों से सहायता


कम्पनियों द्वारा अपनी दक्षताओं को अधिक महत्व देना ।


• बच्चों तथा महिलाओं के लिए पार्ट-टाईम व अस्थाई कार्यों का इंतजाम करने लगा है।


• कार्य को डिजाईन करने वाले लागू करने में कर्मचारियों की भूमिकाओं को बढ़ावा दिया जाना लगा है।


• सामूहिक सौदेबाजी को बढ़ावा


• बाजार पहले से अधिक लोचदार होने लगे है।


• यदि संगठन में वित्तीय समस्याएं हो तो रोजगार के स्त्रोतों को व कर्मचारियों की संख्या कम कर दी जाती है।


• कई अवधारणाओं को वैश्वीकरण के कारण बढ़ावा मिला है जैसे:-


० कर्मचारियों की भागीदारी।


० कार्य पर नियंत्रण


० अभिप्रेरणा


० प्रदर्शन में बढ़ोतरी


० औद्योगिक संबंधों पर ज्यादा फोकस


० दो तरफा संचार को बढ़ावा


o प्रशिक्षण व दक्षताओं पर अब ज्यादा निवेश होने लगा है।