वैश्वीकरण तथा व्यवसायिक वातावरण पर प्रभाव - Globalization and its impact on business environment
वैश्वीकरण तथा व्यवसायिक वातावरण पर प्रभाव - Globalization and its impact on business environment
वैश्वीकरण ने संसार को बहुत छोटा कर दिया है। वैश्वीकरण के द्वारा मानवों की नई आवश्यकताएं उत्पन्न होने लगी है। जिनकों जानकारी सूचनाओं की आवश्यकता है। ये सूचनाए अनुभवों, भरोसे, सामान्य रूचियों पर आधारित है जिनके द्वारा चयन प्रशिक्षण, प्रोग्रामों विकास नीतियों आदि में बदलाव लाया जाता है। अधिकतर मानव संसाधन विकास कार्यक्रम केवल कक्षास्थल तक ही सीमित रह जाते है और यह मानव संसाधन विकास की एक सीमा है। कार्यक्षेत्र प्रशिक्षण विकास कार्यक्रम उद्देश्यों द्वारा प्रबंधन, काउसलिंग आदि तरीकों, का विकास कार्यक्रमों में उपयोग किया जाता है
कोई भी मानव संसाधन विकास कार्यक्रम अपेक्षताओं के जितना खरा नहीं हो पाता । परंतु वैश्वीकरण के द्वारा व्यवसायिक वातावरण में परिवर्तन आए है। तकनीक में बदलाव आने से कम्पयुटर के अविष्कार से प्रक्रिया तीव्र हुई है। उन बदलावों के कारण वैश्वीकरण का विकास हुआ है तथा मानव संसाधनो को नई दिशा मिली। भारत में न केवल भारतीय कम्पनियां अपने कार्यों का संचालन विदेशों में कर रही है बल्कि विदेशी फर्म व बहुराष्ट्रीय कम्पनी भारत में भी कार्य कर रही है। भारतीय फर्मों को भी अंतर्राष्ट्रीय बदलावों को लेकर आना आवश्यक हो गया है।
मानव संसाधन विकास पेशेवरों को केवल नियोजन भर्ती आदि के कार्य ही नहीं बल्कि विकास, प्रशिक्षण, अभिप्रेरण आदि कार्यो को भी करना तथा वह भी अंतर्राष्ट्रीय स्थितियों के अनुसार आवश्यक है।
वार्तालाप में शामिल हों