मानव संसाधन विकास विशेषताएं - Human Resource Development Features

मानव संसाधन विकास विशेषताएं - Human Resource Development Features


(क) ढांचा


मानव संसाधन विकास एक संगठन के भीतर एक नगर पालिका क्षेत्र या राष्ट्र में मानव पूंजी के विस्तार के लिए ढांचा है मानव संसाधन विकास पर्याप्त स्वास्थ्य और रोजगार नीतियों के साथ प्रशिक्षण और शिक्षा का एक संयोजन है जो व्यक्ति विशेष, संगठन तथा राष्ट्र की साधन सम्पन्नता में लगातार सुधार तथा सुनिश्चित करता है। एडम स्मिथ के शब्दों में व्यक्तियों की क्षमताएं उनकी द्वारा ली गई शिक्षा के उपयोग पर निर्भर करती है। मानव संसाधन विकास मोटे तौर पर प्रशिक्षण तथा सीखने की प्रक्रिया को बढ़ावा देने वाले माहौल को नियंत्रित करने का माध्यम है।

मानव संसाधन विकास एक परिभाषित वस्तु नही है अपितु व्यवस्थित प्रक्रियाओं की एक श्रृंखला है, जिसका विशेष उद्देश्य सीखना है। एक राष्ट्र के संदर्भ में यह स्वास्थ्य, शिक्षा तथा रोजगार के बीच एक योजनाबद्ध दृष्टिकोण बन जाता है।


(ख) संरचना


मानव संसाधन विकास एक संरचना है जो संगठन के या राष्ट्र के लक्ष्यों को संतोषजनक ढंग से पूरा करने के साथ व्यक्ति विशेष के विकास की अनुमति देता है। व्यक्ति के विकास से व्यक्ति विशेष तथा संगठन दोनों या राष्ट्र और उसके नागरिकों को लाभ होगा। कॉर्पोरेट दृष्टिकोण के अनुसार, मानव संसाधन ढांचा कर्मचारी को उद्योग की संपति की तरह है

जिसकी कीमत विकास के साथ बढती है। इसका प्राथमिक ध्यान विस्तार तथा कर्मचारी का विकास है। यह व्यक्ति की क्षमता और कौशल विकसित करने पर जोर देता है। इस प्रक्रिया में मानव संसाधन विकास का अर्थ वांछित परिणाम पाने के उद्देश्य से समूह प्रशिक्षण, व्यवसायिक पाठयक्रम या व्यक्ति विशेष के प्रदर्शन के विकास के लिए वरिष्ठ कर्मचारियों द्वारा प्रशिक्षण या सलाह हो सकता है। एक राष्ट्रीय उत्पादकता को बढावा देने के लिए यह एक व्यापक रचनात्मक योगदान हो सकता है।


(ग) प्रशिक्षण


संगठनात्मक स्तर पर एक सफल मानव संसाधन विकास कार्यक्रम व्यक्ति विशेष को काम के एक उच्च स्तर पर ले जाने के लिए तैयार करेगा, प्रदर्शन में परिवर्तन की संभावना से एक निश्चित अवधि में व्यवस्थित ढंग से सिखाया जाता है।

इन स्थितियों में मानव संसाधन विकास एक ढांचे के रूप में पहले चरण में संगठनों की दक्षता, प्रशिक्षण तथा उसके बाद संगठनों की लम्बी अवधि की आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षा के माध्यम से कर्मचारी, उसके व्यवसायिक लक्ष्यों का विकास, कर्मचारी के अपने वर्तमान तथा भविष्य के नियोक्ताओं के प्रति मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करता है। मानव संसाधन विकास को सामान्य रूप से किसी भी व्यवसाय के सबसे महत्वपूर्ण भाग को विकसित करने के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। उद्योग की प्रभावशीलता को अधिकतम करने के लिए सभी स्तरों पर कर्मचारियों के कौशल और व्यवहार में सुधार करके इसे प्राप्त किया जा सकता है एक संगठन में कार्य करने वाले लोग इसके मानव संसाधन है। एक व्यापार के नजरिए से मानव संसाधन पूरी तरह से व्यक्तिगत विस्तार और विकास पर केंद्रित नहीं है।

संगठन का मूल्य बढ़ाने के लिए विकास होता है न कि केवल व्यक्तिगत सुधार के लिए व्यक्तिगत शिक्षा और विकास इसके उपकरण है और एक अंत तक जाने का माध्यम है न कि अपने आप में एक अंतिम लक्ष्य । मानव संसाधन के विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर पर और योजनाबद्ध ढंग से चिंतन और अधिक उभर रहा है क्योंकि नए स्वतंत्र हुए देश अपने कुशल पेशेवरों के लिए मजबूत प्रतिस्पर्धा और बुद्धिजीवियों के विदेशों में बसने की समस्या से जूझ रहे है।


(घ) नियुक्ति


कर्मचारी की नियुक्ति एक संगठन की समग्र संसाधन जुटाने की योजनाओं का एक प्रमुख हिस्सा है जिसका उद्देश्य संगठन को बनाये रखने के लिए लोगों की पहचान करना तथा लघु अवधि से ले कर माध्यम अवधि तक उन्हें संरक्षण देना है। नियुक्ति की गतिविधियों को हमेशा बढ़ते हुए प्रतियोगी बाजार के प्रति उतरदायी होना चाहिए ताकि सभी स्तरों पर सुयोग्य और सक्षम लोग आसानी से मिल सकें। इन प्रयासों को प्रभावी बनाने के लिए यह जानना जरूरी है कि आंतरिक या बाह्य स्त्रोतों से योग्य लोग कैसे और कब ढूंढते हैं।