मानव संसाधन नियोजन प्रक्रिया - human resource planning process
मानव संसाधन नियोजन प्रक्रिया - human resource planning process
(1) संगठनात्मक उद्देश्य व नीतियां:-मानव संसाधन नियोजन का संगठनात्मक उद्देश्यों पर आधारित होना आवश्यक है। इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए पर्याप्त नीतियों को विकसित करना आवश्यक होता है। विशेष नीतियों इन प्रश्नों पर आधारित होती है:-
• क्या कर्मचारियों की पूर्ति पदोन्नति द्वारा करना संभव होगा?
प्रशिक्षण व विकास उद्देश्यों का मानव संसाधन नियोजन से संबंध?
• कर्मचारियों के कार्यो का कैसे मूल्यांकन किया जाए?
(2) मानव संसाधनों की मांग का पूर्वानुमान:- मांग का पूर्वानुमान एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत कर्मचारियों की संख्या व गुणवता का पहले ही अनुमान लगाया जाता है। मांग का पूर्वानुमान के अंतर्गत कई आंतरिक व बाहरी तत्व शामिल होते है।
पूर्वानुमान लगाने के कई तकनीकें हो सकते है जैसे:-
1. प्रबंधकीय अनुमान
2. अनुपात प्रवृत्ति अध्ययन
3. कार्य अध्ययन तकनीक
4. डेलफी तकनीक
5. प्रवाह मॉडल
6. अन्य तकनीकें।
(3) मानव संसाधन पूर्ति पूर्वानुमान:- मानव संसाधन पूर्ति पूर्वानुमान से अभिप्राय उस मापक से है जिसके द्वारा संगठन के आंतरिक व बाहरी उपलब्ध लोगों का पता लगाया जाता है
और उसमें पदोन्नति, आंतरिक गतिशीलता, कार्य के घंटों में बदलाव, अवकाशों आदि को ध्यान में रखा जाता है।
पूर्ति पूर्वानुमान की आवश्यकता:-
• कार्यो के लिए योग्य लोगों का पता लगाने के लिए।
कर्मचारियों की क्षमता का मिश्रण निर्धारण
• कर्मचारियों की कमी से बचाव
• कर्मचारियों के स्तर को विभिन्न स्तरों पर जांचना ।
पूर्ति विश्लेषण:-
• उपलब्ध मानव संसाधन
पूर्ति के आंतरिक स्त्रोत
पूर्ति के बाहरी स्त्रोत
(क) उपलब्ध मानव संसाधन - अप्रबंधकीय कर्मचारियों के बारे में सूचनाएं:-
व्यक्तिगत सूचनाएं
• दक्षताएं
• विशेष शिक्षाएं
• कम्पनी के आंकडे
• व्यक्ति की क्षमताएं
• वेतन व कार्य इतिहास
(ख) पूर्ति के आंतरिक स्त्रोत
• पदोन्नति
• कार्य गतिशीलता
(ग) पूर्ति के बाहरी स्त्रोत
• नए अनुभव वाले व्यक्ति
पुराने कर्मचारियों को दोबारा से भर्ती करना
• संगठनात्मक उन्नति
(4) मानव संसाधन प्रोग्रामींग:- कर्मचारियों की मांग व पूर्ति के पूर्वानुमान के बाद कर्मचारियों
की भर्ती सही समय तथा सही दक्षताओं के अनुरूप की जाती है।
(5) मानव संसाधन नियोजन कार्यन्वयनः- इसके अंतर्गत नियोजन को कार्य में परिवर्तित
किया जाता है। ये कार्य निम्नलिखित हो सकते है:-
भर्ती
चयन व प्लेसमेंट
• प्रशिक्षण व विकास
• पुनः तैनाती
● अवधारणा प्रबंधन
• नियोजन को पुनः स्थापित करना
(6) नियंत्रण तथा मूल्यांकनः- इसके अंतर्गत रिर्पोटिंग की प्रक्रिया स्थापित की जाती है। उन लोगों की पहचान करना जो अभी कार्यक्षेत्र पर उपलब्ध है
तथा जो अभी कार्य के लिए तैयार है तथा समय-समय पर कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कर आवश्यक कार्यवाही करना ।
एक सफल मानव संसाधन नियोजन के तत्व
• कॉरपरेट नियोजन की पहचान करना।
• उच्च प्रबंधन को मानव संसाधन नियोजन के लिए समर्थन।
मानव संसाधन नियोजन का उतरादायित्व केंद्रित होना चाहिए।
मानव संसाधनों से संबंधित रिकोर्ड पूर्ण व अपडेटिड होने चाहिए।
• नियोजन की बेहतर तकनीक का उपयोग करना चाहिए।
• योजनाएं दक्षताओं के साथ तैयार होनी चाहिए।
• एकत्रित आंकडों विश्लेषण व नियोजन की तकनीकों में परिवर्तन करते रहना चाहिए।
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