वैश्वीकरण के एच आर डी पर प्रभाव - Impact of Globalization on HRD

वैश्वीकरण के एच आर डी पर प्रभाव - Impact of Globalization on HRD


वैश्वीकरण व्यवसायों को विदेशी बाजारों में अपने उत्पादों का विक्रय करने तथा नई पूंजी के निर्माण को अवसर प्रदान करता है। कर्मचारियों को एक साथ कार्य करवाने के लिए, सांस्कृतिक चुनौतियों का सामना करना मानव संसाधन पेशेवरों के लिए एक चुनौती होती है। वैश्वीकरण के द्वारा मानव संसाधनों पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ सकते हैं।


(1) भाषा: - मानव संसाधन पेशेवरों को सबसे पहले भाषा से सम्बंधित चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जो कर्मचारी विदेशों से व्यवसाय व कम्पनी में भ्रमण के लिए आए उनके लिए टरासलेटर का प्रबंध करना पड़ता है

ताकि विदेशों से आए कर्मचारी मिटींगों तथा अन्य गतिविधियों में भाग ले सके तथा अन्य कर्मचारियों, सहयोगियों व ग्राहकों से संपर्क कर सके।


(2) संस्कृतिः- एक वैश्वीक संगठनात्मक संस्कृति का विकास करना काफी कठिन हो सकता है। यदि कर्मचारी अलग-अलग संस्कृतियों से संबंधित हो तो उनके कार्यों, संचार तथा कम्पनी के तथ्यों में अंतर उत्पन्न होगा। इसके लिए मानव संसाधन को कर्मचारियों को सांस्कृतिक संवेदनशीलता के बारे में कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना होगा तथा सभी कर्मचारियों की सामान्य रूचियों की पहचान कर उन पर कार्य करना होगा।


(3) विविधता:- मानव संसाधन विकास के द्वारा एक ऐसी संस्कृति का निर्माण किया जाना चाहिए जो एकरूपता को बढ़ावा दे तथा अवसरों को बढ़ावा देना एक वैश्वी कम्पनी कर्मचारियों को लिंग, रूप, संस्कृति, भाषा के अनुसार अलग-अलग प्रशिक्षण प्रदान करती है। अंर्तसंस्कृति टीमों के द्वारा ही विविधता में एकरूपता लाई जाती है तथा विविधता से लाभ उठाया जाता है।


(4) स्थानीयकरण:- सांस्कृतिक वैश्वीकरण के अंतर्गत प्रत्येक देश में स्थानीयकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। प्रत्येक देश के लिए अलग क्षतिपूर्ति तथा प्रोत्साहन ढांचा तैयार किया जाता है वह भी उनकी आवश्यकताओं के अनुसार।


वैश्वीकरण के द्वारा प्रभावित क्षेत्र


उद्योगों पर


• नियोक्ता पर


• कर्मचारियों पर