प्रशिक्षण कार्यक्रमों का क्रियान्वन - implementation of training programs
प्रशिक्षण कार्यक्रमों का क्रियान्वन - implementation of training programs
कार्यान्वयन से अभिप्राय कई प्रकार की क्रियाओं को शामिल करना जिसके द्वारा प्रशिक्षण, प्रशिक्षक कर्मचारियों को एक निश्चित डिजाईन प्रशिक्षण दे सके।
इसके अंतर्गत कोर्स, औजार सहायक तथा सेवा प्रदान करने वाले सही को नियोजन के अनुसार नियोजित किया जाता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों का क्रियान्वन की अवधारणाएं
प्रशिक्षण अवधारणाएं तीन प्रकार ही होती है।
1. आउटसोर्सिंग के द्वारा
2. संगठन द्वारा स्वयं
3. आउटसोर्सिग तथा स्वयं की क्रियाओं के मिश्रण के द्वारा
उपरोक्त तीनों अवधारणाओं में चयन करते समय निम्न बातें ध्यान रखी जाती है।
आउटसोर्सिग एंजेसी का चयन
कितने कर्मचारियों का प्रशिक्षण होना है।
० यदि कम संख्या है तो आउटसोर्सिग
० यदि ज्यादा कर्मचारी है तो संगठन द्वारा स्वर्य ही प्रशिक्षण दिया जाए।
विशेषज्ञों की उपलब्धता
० यदि संगठन में ही विशेषज्ञ उपलब्ध है तो प्रशिक्षण संगठन के अंदर ही करवाया जा सकता है। ० इसके विपरीत यदि संगठन में विशेषज्ञों की कमी है तो प्रशिक्षण के लिए
अन्य संगठन से या आउटसोर्सिग द्वारा विशेषज्ञों का प्रबंध होता है।
• संसाधनों की उपलब्धता व आवश्यकता
यदि संगठन के पास असीमित संसाधन है तो संगठन स्वयं प्रशिक्षण का आयोजन करता है इसके विपरीत यदि संगठन के पास संसाधनों का अभाव है तो वह आउटसोर्सिंग कर सकता है।
• समय अवधि
समय अवधि की अवधि को भी प्रशिक्षण कार्यान्वयन से समय ध्यान रखा जाता है।
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