प्रशिक्षण का महत्व - importance of training
प्रशिक्षण का महत्व - importance of training
(क) दुर्घटनाओं में कमी- कर्मचारियों को यदि मशीनों को सही रूप में इस्तेमाल करना
आएगा तो इससे औद्योगिक दुर्घटनाओं में काफी कमी होगी व जानमाल की सुरक्षा होगी।
(ख) कार्य के स्तर में वृद्धि प्रशिक्षण के द्वारा कार्य अच्छी गुणवता का होगा। कार्य का स्तर प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात् बहुत बेहतर होगा।
(ग) कमियों को दूर करने में सहायक प्रशिक्षण के द्वारा कर्मचारी, कार्य के प्रति हिचकिचहाट
को दूर कर सकते हैं तथा अपनी कमियों पर कार्य कर उन्हें अपनी शक्तियों के रूप में इस्तेमाल कर पाएंगे।
(घ) कार्य संतुष्टि में बढोतरी - प्रशिक्षण के द्वारा कर्मचारियों की कार्य करने के पश्चात् संतुष्टि में वृद्धि होती है। कर्मचारी अपने किए गए कार्य को पूरी तरह उचित मान सकते है क्योंकि प्रशिक्षण के द्वारा उन्हें कार्य करने के सही तरीकों का पता चल जाता है।
(ङ) उत्पादकता में बढोतरी - प्रशिक्षित कर्मचारी मशीने तथा औजारों के उपयोग में दक्ष होकर कुशलतापूर्वक कार्य करने में समर्थ होते है। इससे उनकी उत्पादकता में वृद्धि होती है। प्रशिक्षित कर्मचारी कार्य जल्दी अच्छा तथा कुशलतापूर्वक करता है।
(च) उत्पाद व सेवाओं की गुणवता में वृद्धि प्रशिक्षण के द्वारा कर्मचारी उत्पाद को उच्च श्रेणी का बनाने के लिए प्रयास करेगा। उसके द्वारा बनाए गए उत्पाद तथा प्रदान की गई सेवाएं अधिक गुणों से परिपूर्ण होगी।
(छ) लागतों में कमी - प्रशिक्षण के द्वारा कर्मचारी उत्पाद को कम लागत में सही समय तथा अच्छी गुणवता का बनाने में योगदान देता है। उत्पाद को सस्ता व टिकाउ बनाना उसका उद्देश्य होता है।
(ज) पर्यवेक्षण में कटौती - प्रशिक्षित कर्मचारियों के कार्यों की बार-बार जांच नहीं की जाती क्योंकि वह कार्य करने में कुशल हो जाते हैं। इससे प्रबंधन का पर्यवेक्षण का कार्य कम हो जाता है।
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