भारत- बाली संबंध - India-Bali Relations

भारत- बाली संबंध - India-Bali Relations


जावा के पूर्व में बाली नाम का एक छोटा-सा द्वीप है। बाली में भी भारतीय धर्म संस्कृति और धर्म का विस्तार अति प्राचीन समय में (छठी शताब्दी ई.) हो गया था। यह हिंदू धर्म का उपनिवेश हो गया था। चीनी विवरणों के अनुसार छठी शताब्दी ई. में बाली में हिंदू रहते थे और यहाँ कौंडिन्य नाम का एक वंश राज्य करता था।

शुद्धोदन की पत्नी उसी के कुल की थी। इत्सिंग ने बाली में बौद्ध राज्य की संपन्नता का वर्णन किया है।


दसवीं शताब्दी ई. में बाली का राजा उग्रसेन था। इसी शताब्दी में बाली पर जावा का अधिकार हो गया। पंद्रहवीं शताब्दी ई. में जावा पर मुसलमानों का आधिपत्य हो गया। तब वहाँ के राजाओं और धर्मप्रेमी जनता ने बाली की शरण ली, परंतु इसके बाद इस द्वीप का संबंधभारत से कट गया।