भारत मलय संबंध - India Malay Relations
भारत मलय संबंध - India Malay Relations
प्राचीन काल से ही मलय दक्षिण-पूर्वी देशों का प्रवेश द्वार है। भारतवर्ष से आने वाले व्यापारी और सैनिक टक्कोल टाकु आपा होकर पुनः स्थल और जलमार्ग द्वारा आगे के देशों को जाते थे। चीनी विवरणों और मलय देश में प्राप्त होने वाले अवशेषों से इस देश में भारतीय संपर्क और प्रभाव के प्रमाण मिलते हैं। यहाँ अनेक प्राचीन शिलालेख, स्तूप, हिंदू देवताओं के मंदिर और मूर्तियाँ मिले हैं। गुरोड़ जिराई के समीप, सुंगहवत क्षेत्र में एक विशाल प्राचीन हिंदू मंदिर के अवशेष मिले हैं।
इसमें पौराणिक देवताओं की मूर्तियाँ हैं। इसके समीप ही एक बौद्ध मंदिर के अवशेष प्राप्त हुए हैं। यह चतुर्थ शताब्दी ई. का है तथा इसमें संस्कृत भाषा में श्लोक उत्कीर्ण हैं। पैराक नामक राज्य में शालिंगसिंग नामक स्थान से गरुड़ पर आरूढ़ विष्णु की मूर्ति प्राप्त हुई है। इन चिह्नों से विदित होता है कि इस देश में ब्राह्मण- पौराणिक धर्म और बौद्ध धर्म दोनों का प्रसार था।
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