भारत- थाईलैंड संबंध - India-Thailand Relations

 भारत- थाईलैंड संबंध - India-Thailand Relations


स्याम अर्थात थाईलैंड में भारतीय संपर्क के प्रमाण दूसरी शताब्दी ई. से प्राप्त होते हैं। पोंगटुक क्षेत्र में एक भारतीय बस्ती थी। यह छठी शताब्दी ई. तक बनी रही। बर्मा के समान स्याम में भी बौद्ध धर्म का प्रसार हुआ और वह इस देश का राजधर्म हो गया। स्वामी भाषा के विकास में संस्कृत और पालि का बहुत प्रभाव है। स्वामी लिपि का प्रादुर्भाव भी भारतीय लिपियों से हुआ।


स्याम के रीति-रिवाजों पर भारतीय प्रभाव है। स्याम में राज्याभिषेक ब्राह्मण पुरोहित द्वारा ही कराया जाता है। अनेक भारतीय संस्कार, यथा चूडाकर्म आदि स्वामी जीवन के अंग बन गये हैं। स्वामी साहित्य 'रामायण' और 'महाभारत' से बहुत अधिक प्रभावित है।