मानव संसाधन आधारित रणनीति के रूप में उत्पादकता - Productivity as a Human Resource Based Strategy
मानव संसाधन आधारित रणनीति के रूप में उत्पादकता - Productivity as a Human Resource Based Strategy
एक संगठन में उत्पादकता जितनी अधिक होगी, उतने ही बेहतर वह प्रतिस्पर्धी लाभ प्राप्त कर पाएगी, क्योंकि उत्पादन की लागत कम होगी। बेहतर उत्पादकता का अर्थ केवल उत्पादन की अधिक मात्रा से न होकर कुछ व्यक्तियों द्वारा कम समय तथा कम लागत पर उत्पादन की उचित मात्रा, अच्छी गुणवत्ता के उत्पादन से है। उत्पादन के मुख्य साधन मुद्रा, मशीन, कच्चा माल तथा कार्य के तरीके आदि होते है, ये सब उत्पादन बढाने में महत्वपूर्ण है परंतु मानव संसाधनों के बिना न ही मुद्रा, न तकनीक चुनौतियों को स्वीकार कर उत्पादन कर पाएगें।
संगठन में एकल / टीम के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले तत्व
उत्पादन को बढाने वाले मानव संसाधन तत्व
(1) उच्च प्रदर्शन व अभिनव कर्मचारी संगठन का आधार कार्यबल का सबसे महत्वपूर्ण कार्य कर्मचारियों का चयन व भर्ती है। इसके पश्चात् प्रबंधक व मानव संसाधन पेशेवर कर्मचारियों को कार्य के प्रति आकर्षण, उनका विकास व जो कर्मचारी द्वारा बढ़िया प्रदर्शन व अभिनवता बनाते है उन्हें लंबे काल तक संगठन में बनाए रखने का कार्य भी करते है
(2) प्रभावी प्रबंधक तथा नेता:- निर्देश तय करते है तथा उन्हें निष्पादित करते है। परंतु अधिकतर प्रबंधक या कर्मचारी नेता उनसे अधिक उत्पादकता से कार्य करवाने में असफल हो जाते है।
इसलिए मानव संसाधन विकास द्वारा उत्पादकता को बढ़ाने में प्रबंधकों की भूमिका को स्वीकार करना चाहिए।
(क) निर्देक्षण तथा मार्गदर्शक तत्व
(1) एक समाविष्टगत रणनीति तथा योजना जो प्रतिबद्धता का निर्माण करें- एक प्रतिस्पर्धाक व्यवसायिक रणनीति तथा रणनीति योजना वह है जो संगठन में सफलता का निर्माण करें। यदि एक नियोजन तथा रणनीति का स्पष्ट तथा अच्छे से संचार किया जाए तो न केवल कर्मचारी प्रेरित होगी बल्कि उन्हें रणनीति निर्देश उन्हें फोकस रहने में सहायक होंगे।
(2) एक स्पष्ट उद्देश्य टीम की भूमिकाओं को स्पष्ट कर देता है- प्रबंधकों व नेता को एक स्पष्ट उद्देश्य का निर्माण कर उसे सभी कर्मचारियों को संचारित कर देना चाहिए।
इससे कर्मचारी उन उद्देश्यो की प्राप्ति के लिए अधिक प्रतिबद्धता से कार्य करेगें।
(3) टीम व व्यक्तिगत उद्देश्य:- प्राथमिकता के स्पष्टीकरण के पश्चात् संसाधन का बंटवारा किया जाना आवश्यक है। कर्मचारियों को उनके कार्यों, प्रक्रियाओं, उद्देश्यों के बारे में स्पष्टता प्रदान करनी चाहिए।
(4) प्रभाविक प्रदर्शन के लिए पुरस्कारः- कर्मचारियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें आर्थिक व अन्य प्रकार से सम्मानीत कर पुरस्कृत किया जाना चाहिए।
(ख) सहायक तत्व
(1) टीम सदस्यों के सहयोग से व्यक्तिगत प्रदर्शन में वृद्धिः- कुछ कार्य संगठन के अंदर टीम के सहयोग के बिना संभव नहीं हो पाते।
यदि टीम के सहयोग के द्वारा ही कर्मचारियों की व्यक्तिगत प्रदर्शन में वृद्धि होती है तथा उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
(2) नवप्रवर्तन के लिए सहयोग नवप्रवर्तन के द्वारा मानव संसाधनों की उत्पादकता को बढ़ावा मिलता है। मानव संसाधनों के द्वारा केवल व्यवसाय प्रक्रियाओं में ही बदलाव पूर्णक नही है, बल्कि मानव संसाधनों के द्वारा प्रक्रियाओं, प्रशिक्षण, मापक तथा प्रोत्साहन में विकास भी आवश्यक है।
(3) अमौद्रिक तत्व - औपचारिक तत्व जैसे-प्रेरणा, विश्वास, सशक्तिकरण आदि भी प्रबंधकों, नेताओं, टीमलिडर्स द्वारा प्रदान करके भी उत्पादक में वृद्धि करने में सहायक है।
इन तत्वों में प्रशंसा, चुनौतियों, प्रतिपुष्टि तथा अन्य अवसर आदि औपचारिक तत्व भी शामिल होते है।
(4) उत्पादन में रूकावटी, सफलता में बाधा:- कर्मचारियों द्वारा यदि उत्पादन में कुछ कारणों जैसे- परिवर्तन पर रोक, व्यक्तिगत ईर्ष्या, कार्यक्षेत्र पर राजनीति आदि के कारण कमी आती है। यदि वह कार्य ठीक प्रकार से नहीं करते तो इससे उसकी सफलता में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
मानव संसाधनों के आधिक्य एवं अल्पता का प्रबंधन कार्यबल अपचयन / न्यूनन तथा पुनर्स्थापन, मानव संसाधन निष्पादन एवं निर्देश तलचिह्न
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