मानव संसाधन विकास की भूमिका - Role of Human Resource Development
मानव संसाधन विकास की भूमिका - Role of Human Resource Development
(क) नियोजन:- मानव संसाधन विकास का कार्य संगठन के मानवीय संसाधनों का सही प्रकार से नियोजन करना होता है। प्रारम्भिक नियोजन के अंतर्गत सबसे पहले यह पता लगाया जाता है कि संगठन में कितने और कौन-कौन सी क्षमताओं, दक्षताओं वाले कर्मचारियों की आवश्यकता है।
• नियोजन
नियुक्तिकरण
मूल्यांकन तथा पुरस्कार
प्रशिक्षण तथा विकास
कर्मचारियों के आपसी संबंध
संगठनात्मक वातावरण
(ख) नियुक्तिकरणः- मानव संसाधन विकास के द्वारा ही कर्मचारियों की आवश्यकता की संख्या का पता लगा महत्वपूर्ण कार्य है जिसका कुशलतापूर्वक किया जाना बहुत आवश्यक होता है।
(ग) मूल्यांकन तथा पुरस्कार:- नियुक्तिकरण के पश्चात् समय-समय पर उनके कार्यों तथा भूमिका का मूल्यांकन भी मानव संसाधन विकास द्वारा ही किया जाना है, यदि उनका कार्य बेहतरिन हो तो उनके कार्यों को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार भी दिए जाते है।
(घ) प्रशिक्षण तथा विकास- कर्मचारियों को कार्य कुशलतापूर्वक करने लिए सही तरीके से प्रशिक्षण समय-समय पर दिया जाना भी आवश्यक होता है। मानव संसाधन विकास की प्रशिक्षण तथा कर्मचारियों के पूर्ण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
(ङ) कर्मचारियों के आपसी संबंधः- मानव संसाधन विकास का कार्य केवल कर्मचारियों को संगठन तक लाना ही नहीं होता बल्कि यह भी ध्यान में रखना होता है कि कर्मचारी आपस में मिलजुल कर कार्य करे, सामूहिक कार्य को करने के लिए एकता के साथ कार्य करें।
(च) संगठनात्मक कार्य:- मानव संसाधन विकास की भूमिका अन्य संगठनात्मक कार्यों के करने में भी बहुत अहम होती है जैसे-
• सशक्तिकरण
• मोर्चाबंदी
सूचनाओं का आदान प्रदान
• लागतों पर नियंत्रण रखना आदि ।
मानव संसाधन विकास पेशेवरों की तीन आवश्यक दक्षताएं
जानकारी / ज्ञान
• कौशल
क्षमता
किसी भी मानव संसाधन प्रबंधक में तीन दक्षताएं होनी आवश्यक है।
(1) जानकारी- एक प्रबंधक को संगठन के मानव संसाधनों की पूर्ण जानकारी होनी
एम.बी.ए.
आवश्यक है। यह जानकारी निम्न तत्व शामिल करती है-
मानव संसाधन
• प्रबंधण तथा शासन प्रबंध
• गणितः अंकगणित, बीजगणित, सांख्यिकी, ज्यामिती आदि ।
(2) कौशल:- प्रबंधक होने के लिए कुछ कौशल होने भी आवश्यक है जैसे-
• मानव संसाधनों का प्रबंधण
• लेखन गुणवता
• मौखिक गुणवता
(3) क्षमता: - मानव संसाधन विकास प्रबंधक में बेहतर क्षमताओं का भी होना आवश्यक है।
• लिखित समझ
• बोल चाल की समझ
• मौखिक अभिव्यक्ति
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