इस्लाम में स्त्री का महत्व एवं सम्मान - Importance and respect of women in Islam
इस्लाम में स्त्री का महत्व एवं सम्मान - Importance and respect of women in Islam
इस्लाम ने हव्वा की बेटी को पर्याप्त सम्मान दिया है तथा उसे मर्द के समान अधिकार दिए गए हैं। कुरान की सूरा बकर (2-228) में कहा गया है कि महिलाओं के लिए भी सामान्य नियम के अनुसार वैसे ही अधिकार हैं जैसे मर्दों के अधिकार उन पर हैं।"
इस्लाम में महिलाएँ उच्च स्थान पर हैं। जीवन के हर भाग में उन्हें महत्व दिया गया है।
माँ, पत्नी, बेटी एवं बहन के रूप में उसे पर्याप्त सम्मान दिया गया है। हदीस में कहा गया है कि माता को पिता की तुलना में तीन गुना अधिकार प्राप्त हैं। इस्लाम में मुहम्मद (सल्लल्लाह अलैदि व वसल्लम) ने फरमाया है। कि “जिसने बेटियों के प्रति किसी प्रकार का कष्ट उठाया और वह उनके साथ अच्छा व्यवहार करता रहा, तो यह उसके लिए नरक से पर्दा बना जाएँगी इसी तरह बहन के लिए कहा गया कि "जिस किसी के पास तीन बेटियाँ हों अथवा तीन बहनें हों, उनके साथ अच्छा व्यवहार किया हो, तो वह स्वर्ग में प्रवेश करेगा।"
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