गुप्तोत्तर कालीन संस्कृति - post-gupta culture
गुप्तोत्तर कालीन संस्कृति - post-gupta culture
गुत्तरकाल में हर्षवर्धन चोल शासकों एवं राजपूतकालीन संस्कृति महत्वपूर्ण थीं।
हर्षवर्धन कालीन संस्कृति (Culture of Harshvardhan's Age)
हर्षवर्धन यद्यपि निरंतर युद्धों में रत रहा परंतु इसके पश्चात् भी उसके शासनकाल की सांस्कृतिक
उपलब्धियाँ चिरस्मरणीय हैं-
धार्मिक स्थिति
हर्ष प्रारंभ में शैव मतावलंबी था, बाद में बौद्ध भिक्षु दिवाकर मित्र से प्रभावित हुआ एवं प्रारंभ में हीनयान शाखा का अनुयायी हुआ। बाद में हुआन सांग के प्रभाव में आकर महायान संप्रदाय को राजाश्रय प्रदान किया। अब वह पूर्ण रूप से बौद्ध बन गया। अन्य धर्मों से महायान धर्म को उत्कृष्ट साबित करने के लिए कन्नौज में एक महासभा का आयोजन किया, जिसकी अध्यक्षता हुआन सांग ने की। प्रयाग के संगम
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