कन्नीज राज्य का उत्थान - Uplift
कन्नीज राज्य का उत्थान - Uplift
सातवीं शताब्दी के प्रारंभ में हर्षवर्धन की विजय तथा राजनैतिक और प्रशासनिक योग्यताओं के कारण उत्तर भारत पुनः एक बार एक अधिराज्य के भीतर ग्रथित होकर विघटक तत्वों को दबाने में सफल तो हुआ, किंतु वह सफलता बड़ी अल्पकालिक साबित हुई। यद्यपि उसका मुख्य कारण हर्ष की मृत्यु के बाद उसी जैसे योग्य किसी उत्तराधिकारी का अभाव था। विघटन की प्रवृत्तियों को आँखों से ओझल नहीं किया जा सकता, तथापि पुष्यभूति साम्राज्य के विकास के साथ कन्नौज में हमें शक्ति और राजनीति का एक नया केंद्र दिखायी देता है। ईसापूर्व छठी शताब्दी से ईसा की पाँचवीं शताब्दी के बीच लगभग 1000 वर्षों तक भारतीय राजनीति का केंद्र मगध और उसकी राजधानी पाटिलपुत्र में थी। किंतु अब पांचाल क्षेत्र में स्थित कन्नौज ने वह स्थान ले लिया, जो अगले लगभग 600 वर्षों तक उत्तरभारतीय राजनीति का प्रधान आकर्षण बिंदु बना रहा।
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