जेलाल कल्याणजी नटाली (1899-1993) - Jelal Kalyanji Natali (1899–1993)

जेलाल कल्याणजी नटाली (1899-1993) - Jelal Kalyanji Natali (1899–1993)


जेलाल कल्याणजी नटाली, न्यूजीलैंडर भारतीय समुदाय के एक प्रमुख व्यक्ति माने जाते हैं। वे प्रसिद्ध उद्यमी थे, जिन्होंने न्यूजीलैंड इंडियन सेंट्रल एसोसिएशन' के लिए काम किया और न्यूजीलैंड के साथ-साथ दक्षिण अफ्रीका और फीजी में रहने वाले भारतीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए रास्ते बताए।


इनका जन्म 1899 ई. में रंदर, सूरत, भारत में हुआ। उनके पिता धोबी थे जो नटाल प्रवासित होकर, नटाली उपनाम को अपना लिया, परंतु जेलाल अन्य गुजराती व्यापारिक समुदायों के साथ 1920 ई. में ऑकलैंड,

न्यूजीलैंड आ पहुँचे। यहाँ वे स्थानीय भारतीय समुदाय के बीच सक्रिय हुए क्योंकि भारत में उनकी अंग्रेजी में शिक्षा हुई थी और वे वहाँ क्लर्क का कार्य कर चुके थे।


1921 ई. में जेलाल 'आर्योदय' नामक पत्रिका के संपादक बने। यह स्थानीय गुजराती समाचार पत्र था। 1923 ई. और 1950 ई. में 'ऑकलैंड इंडियन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट के रूप में काम किया। * ऑकलैंड इंडियन सेंट्रल एसोसिएशन के प्रेसीडेंट के रूप में (1939-40, 1948-51 और 1954-59) तक नटाली ने बहुत अवसरों पर विदेशों में बसने वाले भारतीय समुदाय के साथ होने वाले नस्लीय भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई।

उन्होंने व्हाईट न्यूजीलैंड लीग, न्यूजीलैंड की एशियाई अप्रवासन, भारतीय समुदाय के रोजगार और व्यापार के विरुद्ध अपनाई गई नीतियों का जमकर विरोध किया। नटाली ने भारतीय संस्कृति के रूढ़िवादी तत्वों की आलोचना करते हुए न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय को भी आधुनिक बनने की सलाह दी।


नटाली अपनाए गए देश के लिए देश भक्त भी रहे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अपने प्रयास से तथा भारतीय समुदाय को अपील की कि अधिक-से-अधिक धन के द्वारा न्यूजीलैंड सरकार को दान देकर मदद करें। भारतीय समुदाय और माओरी एवं पकेहा समुदाय की मदद के लिए 1986 में उन्हें 'क्वींस सर्विस मेडल' से नवाजा गया।

उनके कार्यों और योगदान के लिए न्यूजीलैंड इंडियन सेंट्रल एसोसिएशन' और 'ऑकलैंड इंडियन एसोसिएशन ने उन्हें आजीवन सदस्यता प्रदान की।


नटाली ने अपने जीवन की शुरुआत रोटोरुआ में एक होटल से की। बाद में किंग कंट्री में जनरल स्टोर चलाई और भूमि के व्यापार से जुड़कर काफी समृद्ध हुए। काटे बिसले जोकि एक अंग्रेज अप्रवासित थी, से उन्होंने 1922 ई. में विवाह किया। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद वे ऑकलैंड में बस गए। नटाली का नाम न्यूजीलैंड के करोड़पतियों में शुमार था। इनकी मृत्यु 1993 ई. में हुई। न्यूजीलैंडर भारतीय नटाली को अपना पथप्रदर्शक मानते हैं। आनंद सत्यानंद (जन्म 22 जुलाई, 1944 ई.) वे वकील, न्यायाधीश, न्यूजीलैंड के 19 वें गवर्नर और अंबडसमैन थे। वे वर्तमान में पपुआ न्यू गिनी में होने वाले चुनाव के एक पर्यवेक्षक टीम के सदस्य हैं।


उनका जन्म 1944 में ऑकलैंड में एक इंडो-फिजीयन परिवार में हुआ। इनके दादा जी 1911 में भारत से फीजी आए और वे सरकारी अनुवादक का कार्य करते थे। इनके पिता डॉ. मुप्याला सत्यानंद 1927 में न्यूजीलैंड आए और माता सुवा से न्यूजीलैंड एक नर्स के रूप में आई। 1940 में इनकी शादी न्यूजीलैंड में हुई। सत्यानंद ने कानून पढ़ा वकील, न्यायाधीश और अंबडसमैन का कार्य करते हुए 2006 में क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय द्वारा प्रधानमंत्री हेलेन क्लार्क की सलाह पर न्यूजीलैंड के गवर्नर जनरल नियुक्त किए गए। वे न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के प्रथम गवर्नस्जनरल के साथ-साथ पहले रोमन केथोलिक गवर्नर-जनरल थे। उनका कार्यकाल न्यायधीश के रूप में (1982-22 अगस्त, 2006 तक) तथा गवर्नर-जनरल के रूप में (23 अगस्त, 2006 से 2011 तक) रहा।