राजपूत शब्द की प्राचीनता व अर्थ - The antiquity and meaning of the word Rajput
राजपूत शब्द की प्राचीनता व अर्थ - The antiquity and meaning of the word Rajput
'राजपूत' प्राचीन भारतीय इतिहास में एक नवीन शब्द है। जिसका उल्लेख सर्वप्रथम सातवीं शताब्दी में मिलता है। 'राजपूत शब्द संस्कृत भाषा के राजपुत्र' शब्द का अपभ्रंश है, जो प्राचीन भारत में बहुत पहले से प्रचलित था, किन्तु 'राजपूत' शब्द का प्रयोग सातवीं शताब्दी से पूर्व न होने के कारण इतिहासकारों में इसके अर्थ के विषय में काफी मतभेद हैं। कुछ विद्वान् 'राजपूत' शब्द का प्रयोग क्षत्रिय सामंतों की अनैतिक या अवैध संतानों के लिए किया गया मानते हैं तथा कुछ विद्वानों के अनुसार राजपूत शक, कुषाण, हूण आदि विदेशी आक्रमणकारियों की संतान थे,
जिन्हें अग्नि द्वारा शुद्ध करके भारतीय समाज में मिला लिया गया था।
राजपूतों की उत्पत्ति से संबंधित विभिन्न मतों का विवेचनात्मक अध्ययन करने के पश्चात यद्यपि निश्चित रूप से कुछ भी कह सकना कठिन है, तथापि अधिकांश विद्वानों के मत तथा उनके द्वारा अपने मतों के समर्थन में दिये गये तर्कों से ऐसा विदित होता है कि राजपूत संभवतः वैदिककालीन क्षत्रियों की ही संतान थे।
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