दक्षिण अफ्रीका का परिचय - Introduction to South Africa

दक्षिण अफ्रीका का परिचय - Introduction to South Africa


दक्षिण अफ्रीका, अफ्रीका महादेश के दक्षिणी छोर पर स्थित एक गणराज्य है। इसकी सीमाएँ उत्तर में नामीबिया, बोत्सवाना और जिंबाबे तथा उत्तर-पूर्व में मोजांबिक और स्वाज़ीलैंड के साथ लगती हैं, जबकि लेसूथो एक स्वतंत्र ऐसा देश है, जो पूरी तरह से दक्षिण अफ्रीका से घिरा हुआ है। आधुनिक मानव की बसाहट दक्षिण अफ्रीका में एक लाख साल पुरानी है। यूरोपीय लोगों के आगमन के दौरान क्षेत्र में रहने वाले बहुसंख्यक स्थानीय लोग आदिवासी थे, जो अफ्रीका के विभिन्न क्षेत्रों से हजार साल पहले आए थे। 4-5वीं शताब्दी के दौरान बंतू भाषी आदिवासी दक्षिण की ओर बढ़े और दक्षिण अफ्रीका के वास्तविक निवासियों को विस्थापित करने के साथ-साथ उनके साथ शामिल भी हो गए। यूरोपीय लोगों के आगमन के दौरान झोसा और जूलू दो बड़े समुदाय थे।


केप समुद्री मार्ग की खोज के करीबन डेढ़ शताब्दी बाद 1692 ई. में डच ईस्ट इंडिया कंपनी ने उस जगह पर खानपान केंद्र (रिफ्रेशमेंट सेंटर) की स्थापना की, जिसे आज केप टाउन के नाम से जाना जाता है। 1806 ई. में केप टाउन ब्रिटिश कॉलोनी बन गया। 1820 ई. के दौरान बोअर (डच, फ्लेमिश, जर्मन और फ्रेंच सेटलर्स) और ब्रिटिश लोगों के देश के पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में बसने के साथ ही यूरोपीय बसाहट में वृद्धि हुई। इसके साथ ही क्षेत्र पर कब्जे के लिए झोसा, जुलू और अफ्रीकन के बीच झड़प बढ़ती गई।


हीरा और बाद में सोने की खोज के साथ ही 19वीं शताब्दी में द्वंद्व शुरू हो गया जिसे एंग्लो-बोअर युद्ध के नाम से जाना जाता है।

हालांकि ब्रिटिश ने बोअर पर युद्ध में विजय प्राप्त कर ली थी लेकिन 1910 ई. में दक्षिण अफ्रीका को ब्रिटिश डोमिनियन के तौर पर सीमित स्वतंत्रता प्रदान की। 1961 ई. में दक्षिण अफ्रीका को गणराज्य का दर्जा मिला। देश के भीतर और बाहर विरोध के बावजूद सरकार ने रंगभेद की नीति को जारी रखा। 20 वीं शताब्दी में देश की दमनकारी नीतियों के विरोध में बहिष्कार करना शुरू किया। काले दक्षिण अफ्रीकी और उनके सहयोगियों के सालों के अंदरूनी विरोध, कार्रवाई और प्रदर्शन के परिणामस्वरूप आखिरकार 1990 ई. में दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने वार्ता शुरू की, जिसकी परिणति भेदभाव वाली नीति के खत्म होने और 1994 ई. में लोकतांत्रिक चुनाव से हुई। देश फिर से राष्ट्रकुल देशों में शामिल हुआ।


दक्षिण अफ्रीका जातीय रूप से सबसे ज्यादा विविधताओं वाला देश है और यहाँ अफ्रीका के किसी भी देश से ज्यादा श्वेत रहते हैं। अफ्रीकी जनजातियों के अलावा यहाँ कई एशियाई देशों के लोग भी हैं, जिनमें सबसे ज्यादा भारत से आए लोगों की संख्या है।