स्वायत्त महिला आंदोलन की सीमाएँ एवं वर्तमान परिदृश्य - Limitations and current scenario of autonomous women's movement

स्वायत्त महिला आंदोलन की सीमाएँ एवं वर्तमान परिदृश्य - Limitations and current scenario of autonomous women's movement


स्वायत्त महिला आंदोलन के संदर्भ में एक समय यह कहा जाता रहा कि इस आंदोलन से जुड़ी महिलाएँ पुरुष विरोधी हैं, पश्चिमी विचारों से प्रभावी हैं। तमाम प्रगतिशील संगठनों का यह भी मानना था कि यह आंदोलन अस्मितावादी विमर्श की सीमा में ही रहेगा, क्योंकि ये महिलाओं को एक सीमित परिप्रेक्ष्य में देख रहे हैं, जबकि महिलाएँ जाति, धर्म, वर्ग में बंटी हुई हैं। महिलाओं के मुद्दे वर्गगत और जातिगत असमानता को संबोधित किए बगैर अधूरे रहेंगे पर महिला आंदोलन ने समय-समय पर अपने रणनीतिक बदलाव से स्वयं को अस्मितावादी विमर्श से मुक्त रखने का प्रयास किया व अन्य ढाँचागत असमानताओं के खिलाफ भी अपना मोर्चा जारी रखा। कुछ प्रमुख महिला आंदोलन की सीमाओं पर चर्चा जा रही है