पुनर्जागरण से अभिप्राय - meaning of renaissance

पुनर्जागरण से अभिप्राय - meaning of renaissance


पुनर्जागरण की कोई स्पष्ट और सहज परिभाषा नहीं दी जा सकती है। व्यापक तौर पर इसका आशय उन परिवर्तनों की प्रक्रिया से हैं जो मध्य युग से आधुनिक काल के मध्य यूरोप में हुए। सांस्कृतिक पुनरूत्थान का काल बहुमुखी प्रतिभा के विकास का काल था, जिसमें मानव जीवन को उद्वेलित करने के उद्देश्य से साहित्य, कला, ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में जिस बौद्धिक आन्दोलन का सूत्रपात हुआ, उसे पुनर्जागरण- कहते हैं। नवयुग के अवतरण की सूचना देने वाला तथ्य पुनर्जारण था, जिसका प्रभाव इंग्लैण्ड पर सर्वप्रथम हेनरी सप्तम के समय में पड़ा।

'रेनेसा' (Renaissance) शब्द फ्रांसीसी भाषा का है, जिसका अर्थ पुनर्जन्म अथवा पुनर्जागरण होता है। पुनर्जागरण को प्रायः 'पांडित्य के पुनः उदय' का नाम भी दिया जाता है।


इस काल में तर्क और ज्ञान के आधार पर मानव जीवन का सही मूल्यांकन किया गया। इसी काल में यूरोप के विकास की नींव पड़ी और विचारों एवं चिन्तन के क्षेत्र में एक क्रान्तिकारी परिवर्तन हुआ। मनुष्य में परम्परा के प्रति अरूचि और बौद्धिकता के प्रति आस्था उत्पन्न हुई। इस प्रकार यूरोप में बुद्धिवाद का जोर बढ़ने लगा। लोगों में विचार-स्वातंत्र्य की भावना का विकास हुआ और उनकी चिन्तन-शक्ति को नयी दिशा प्राप्त हुई।

अब वे अपनी बुद्धि से नवीन प्रयोग करने के लिए प्रेरित हुए। इस कारण लोगों में प्राचीन परम्पराओं के प्रति उपेक्षा की भावना उत्पन्न होने लगी। अब वे हर बात को बुद्धि की कसौटी पर कसने लगे तथा उन्हें जो उचित लगता, उसे ही अपनाने लगे और मानव मस्तिष्क उद्वेलित होकर प्रचलित संस्थाओं की बुराइयों को चुनौती देने लगा। लोगों के विचारों में यह परिवर्तन यूरोप के भावी विकास का सूचक था। इसी समय यूरोप में शहरों का विकास तथा राष्ट्रीयता की भावना का अभ्युदय हुआ। नगरों के विकास ने पुनर्जागरण की प्रक्रिया को अत्यधिक प्रोत्साहित किया।

नगर में विकसित होने वाला नया समाज मध्यम वर्ग के नाम से प्रसिद्ध हुआ, जो नवीन संस्कृति एवं वैभव से सम्पन्न था। इसने आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में नया परिवर्तन किया, जिसने मध्यकालीन सामन्तीय व्यवस्था को समाप्त कर दिया। पुनर्जागरण ने मध्ययुगीन आडम्बरों, अन्धविश्वासों एवं प्रथाओं को समाप्त किया तथा उसके स्थान पर व्यक्तिवाद, भौतिकवाद, स्वतन्त्रता की भावना, उन्नत आर्थिक व्यवस्था एवं राष्ट्रवाद को प्रतिस्थापित किया। यूरोपीय इतिहास के संदर्भ में पुनर्जागरण काल लगभग 14वीं सदी से 16वीं सदी तथा विशेष रूप से 1350 ई. से 1550 ई. के मध्य माना जाता है।