मुहम्मद गोरी - Muhammad Ghori
मुहम्मद गोरी - Muhammad Ghori
मुहम्मद गोरी के आक्रमण के समय भारत के विभिन्न राज्य- (1) अजमेर तथा दिल्ली, (2) कन्नौज तथा काशी, (3) गुजरात, (4) बिहार, (5) बंगाल। सभी राजाओं की सैनिक शक्ति सुदृढ़ थी परंतु उनमें एकता न होने के कारण वे शत्रु का सामना करने में असमर्थ रहे और पराजित हुए। मुहम्मद गोरी की विजययात्रा :- (1) पृथ्वीराज से प्रथम युद्ध 1191 ई. में तराइन के मैदान में हुआ, जिसमें मुहम्मद गोरी को पराजित होकर भागना पड़ा।
(2) तराइन का दूसरा युद्ध 1192 ई. में पृथ्वीराज की पराजय और दिल्ली अजमेर पर मुसलमानों का अधिकारा (3) कन्नौज पर आक्रमण - मुहम्मद गोरी का जयचंद को पराजित करके कन्नौज पर अधिकार करना। इसके बाद गोरी का वापिस लौट जाना। अन्य विजय :- ( 1 ) बयाना पर अधिकार (2) ग्वालियर पर विजय, (3) मेड़ राजपूतों के विद्रोह का दमन, (4) अन्हिलवाड़ा की लूट, (5) बुंदेलखंड विजय, (6) बिहार पर अधिकार, (7) बंगाल विजय। मुहम्मद गोरी की मृत्यु : 15 मार्च, 1206 ई. को गजनी के मार्ग में उसका वध कर दिया गया। मुहम्मद गोरी का चरित्र
वह बड़ा ही सज्जन, धार्मिक विश्वसनीय, न्यायप्रिय और जनप्रिय शासक था। परिवार के सदस्यों से उसे अधिक स्नेह था। वह उत्तम स्वभाव वाला बहुत अच्छा व्यक्ति था।
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