पेशियों का उद्गम एवं निवेशन - origin and insertion of muscles

पेशियों का उद्गम एवं निवेशन - origin and insertion of muscles


क) उद्गम - उद्गम से तात्पर्य पेशी का वह सिरा जो पेशीय संकुचन होने पर स्थिर अवस्था में होता है। वह सिरा अस्थि जिस हिस्से से जुड़ता है उस स्थल या सम्बन्धित स्थान को उद्गम स्थल कहा जाता है। पेशियों के उनके कार्य के अनुसार उनके उद्गम स्थल में परिवर्तन होते रहते है। पेशी का उद्गम स्थल सामान्यतः अक्षीय कंकाल के अधिक समीप रहता है।


ख) निवेशन पेशी के निवेशन का अर्थ पेशी के गतिशील से है अर्थात् अस्थि के उस हिस्से ( स्थल) से पेशी का निवेशन होता है। सामान्यतः पेशी का उद्गम अक्षीय कंकाल (Axial Skeleton) के अधिक समीप होता हैं, तथा निवेशन दूरस्थ जुड़ाव होता है। पेशियों की क्रिया के अनुसार ही इनके उद्गम स्थल परिवर्तित होते है, साथ ही निवेशन स्थल भी परिवर्तित हो जाते है।