औद्योगिक क्रान्ति की उत्पत्ति - origins of the industrial revolution

औद्योगिक क्रान्ति की उत्पत्ति - origins of the industrial revolution


17वीं सदी तक विश्व के सभी देश कृषि प्रधान रहे। साथ-साथ अन्य लघु उद्योग भी थे। उनके उत्पादन के साधन जैसे-हल, चरखा आदि मानव शक्ति से ही चलते थे। किन्तु 18वीं सदी के उत्तरार्द्ध में विविध प्रकार के यंत्रों का निर्माण हुआ। इंग्लैण्ड में भाप से चलने वाले इंजिनों व मशीनों के आविष्कार हुए। इन आविष्कारों का उपयोग उद्योग-धन्धों और व्यवसायों में किया गया। जिससे उत्पादनों के साधनों और उत्पादन की पद्धति में आमूल परिवर्तन आ गये। इसी बीच लोहे और कोयले की खानों का पता लग जाने से इनका उपयोग भी मशीनों के निर्माण,

कल-कारखानों और उद्योग-व्यवसायों के लिये होने लगा। इससे उत्पादन के साधनों और पद्धति में और औद्योगिक क्षेत्र में तीव्र गति से बड़े परिवर्तन हुए। इसे ही औद्योगिक क्रान्ति कहा जाता है। औद्योगिक क्रान्ति का अर्थ है, उन परिवर्तनों से जिनके अनुसार प्राचीनकाल के सीमित गृह उद्योगों के बदले भाप शक्ति के कारखानों में बड़ी मात्रा में उत्पादन होने लगा। उत्पादन के साधनों में परिवर्तन और उत्पादन में अधिकतम वृद्धि ही औद्योगिक क्रान्ति है।


सर्वप्रथम औद्योगिक क्रान्ति 18वीं सदी में इंग्लैण्ड में हुई। तत्पचशत यूरोप में और सबसे अन्त में एशिया में आई। आर्नोल्ड टॉयन्बी ने अपनी पुस्तक Lectures on Industrial Revolution में कहा है कि औद्योगिक क्रान्ति कोई आकस्मिक घटना नहीं है वरन विकास की सतत् प्रक्रिया है।