अरब आक्रमण की सफलता के कारण - Reasons for the success of the Arab invasion

अरब आक्रमण की सफलता के कारण - Reasons for the success of the Arab invasion


अरब आक्रमण की सफलता के कारण निम्नलिखित हैं-


 (1) सिंध की राजनीतिक स्थिति


अरब आक्रमण के समय सिंध की राजनीतिक स्थिति बहुत डावांडोल थी। उससमय सिंध प्रांत की ऐसी स्थिति थी कि कोई भी योग्य सेनापति उस स्थिति से लाभ उठाकर उसे अपने अधिकार में कर सकता था। वहाँ राजनीतिक एकता का अभाव था। सिंध की जनसंख्या कम थी और विभिन्न वर्गों में विभाजित थी। सिंध में विभिन्न संप्रदायों तथा धर्म के लोग निवास करते थे जिनको संकट के समय भी संगठित करना एक कठिन कार्य था।


सिंध में उच्च वर्ग के लोगों का अन्य वर्गों के साथ अमानुषिक व्यवहार था, जिसके कारण उनमें उनके प्रति घृणा की भावना जागृत हो गई।

इसका परिणाम यह हुआ कि उन्होंने अपने देश में अपने निवासियों के विरुद्ध आक्रमणकारियों का साथ दिया।


उपरोक्त के अतिरिक्त उस समय सिंध प्रांत में अयोग्य शासकों के हाथ में शासन था जो अपना अधिकांश समय भोग विलास तथा पारस्परिक संघर्षो में व्यतीत करते थे। वे न योग्य सेनापति ही थे और न ही कुशल शासन प्रबंधका जनता का उन पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं था। वे लोकप्रिय शासक नहीं बन सके। इसका परिणाम भारत के लिए बहुत हानिकारक सिद्ध हुआ। बहुत से भारतीयों ने देश के प्रति अविश्वास कर मुसलमानों को बहुत सी बातों से अवगत कराया।


सिंध का विभिन्न राज्यों में विभाजन अर्थात् सिंध विभिन्न छोटे-छोटे राज्यों में विभक्त था, जिन्होंने सम्मिलित रूप से अरब सेना का विरोध नहीं किया। 


(2) मुहम्मद बिन कासिम की योग्यता


मुहम्मद बिन कासिम बड़ा योग्य तथा प्रतिभाशाली व्यक्ति था। उसमें वे समस्त गुण विद्यमान थे, जो एक कुशल सेनापति में होने चाहिए। उसका व्यक्तित्व भी उत्कृष्ट था। वह उच्चकोटि का सैनिक, संगठनकर्ता तथा सैन्य संचालक था। उस समय भारत में उसका सामना करने की सामर्थ्य किसी भी व्यक्ति में नही थी।


(3) अरब सेना का धार्मिक उत्साह


अरब सेना में बहुत अधिक धार्मिक उत्साह था, जिसका भारतीय सेना में अभाव था। अरब सेना के निरंतर विजयी होने के कारण उनके उत्साह में वृद्धि होती गई। इसके विपरीत हिंदू हतोत्साहित होते चले गए। वे युद्ध में इतनी योग्यता, साहस तथा वीरता का प्रदर्शन नहीं कर सके, जितनी उनसे अपेक्षा की जाती थी।


(4) अरब सेना का संगठन तथा विशालता


अरब सेना का संगठन उच्चकोटि का था। उसमें सीरिया तथा ईरान के प्रसिद्ध सैनिक तथा घुड़सवार थे। उन्होंने युद्ध में तत्परता तथा वीरता का पूर्ण परिचय दिया। अरब सेना विशाल थी। उसकी संख्या अधिक थी। उनके पास युद्ध का सामान अधिक था। ईरान के शासक तथा खलीफा ने अरब सेना को दृढ, संगठित तथा विशाल बनाने में किसी बात की कसर नहीं रखी थी। भारतीय सेना की संख्या मुसलमानों की सेना की संख्या की अपेक्षा बहुत कम थी। उनके पास युद्ध के सामान तथा नवीन हथियारों का भी अभाव था।