प्रथम विश्वयुद्ध के परिणाम - results of the first world war

प्रथम विश्वयुद्ध के परिणाम - results of the first world war


प्रथम विश्वयुद्ध के अत्यंत दूगामी परिणाम निकले इनमें से कुछ इस प्रकार हैं- (1) राष्ट्रीयता का विकास : यूरोप में राष्ट्रीयता की भावना का विकास हुआ। अल्सास एवं लारेन फ्रांस को राष्ट्रीयता के आधार पर वापस कर दिए गए।


(2) नवीन राष्ट्रों की स्थापना : यूगोस्लाविया, चेकोस्लोवाकिया एवं लैटविया आदि नवीन राष्ट्रों का जन्म हुआ। 


(3) अंतरराष्ट्रीय भावना का विकास भविष्य में विश्वयुद्ध की विभीषिका से छू रहे इसके लिए : अंतरराष्ट्रीयता की भावना का विकास किया गया। इस हेतु राष्ट्रसंघ की स्थापना हुई। 


(4) मजदूर आंदोलनों का आरंभः मजबू आंदोलनों का विकास भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रथम विश्वयुद्ध का ही परिणाम थे।


(5) आर्थिक प्रभाव : प्रथम विश्वयुद्ध ने आर्थिक रूप से जन-धन को अत्यधिक हानि पहुँचाई। युद्ध में लगभग 80 लाख लोग मारे गए और लगभग अठ्ठावन हजार करोड़ रूपये खर्च हुए थे। बेरोजगारी बढ़ने लगी। हड़तालें, बैंकों व व्यवसायों का दिवाला निकल जाना, यही यूरोप का नया चित्र था। मकान और कारखाने ध्वस्त हो गए। मशीनें नष्ट हो चुकी थीं। इस युद्ध ने विश्व के केंद्र यूरोप को दुर्बल कर दिया।


(6) सामाजिक प्रभाव : जन समुदाय के सामाजिक जीवन में भी अनेक परिवर्तन हुए। युद्ध के परिणामस्वरूप लगभग एक करोड़ स्त्रियाँ विधवा हो गई। सामाजिक रीतिरिवाज, परंपराओं, मान्यताओं, आचार-विचारों तथा जीवनशैली पर गंभीर प्रभाव पड़ा। श्रमिक वर्ग की स्थिति पर भी प्रथम विश्वयुद्ध का क्रांतिकारी प्रभाव दृष्टिगोचर हुआ। मजबूरों की संख्या के साथ उनकी शक्ति में वृद्धि हुई।


(7) राजनीतिक प्रभाव : राष्ट्रवाद की विजय युद्ध का प्रमुख परिणाम था। समस्त विश्व में राजतंत्रों के विरुद्ध जनमानस आंदोलित हो उठा।

तीन महान साम्राज्य जर्मनी, रूस तथा आस्ट्रिया-हारी समाप्त हो गए। 1923 में तुर्कों का उस्मानी राजवंश भी समाप्त हो गया। युद्ध के बाद अमेरिका एक महान शक्ति के रूप में उभरा। युद्ध के बाद उसकी विश्वव्यापी भूमिका बनी रही। विश्व में सर्वहारा वर्ग में नई चेतना का संचार हुआ, इससे सर्वहारा वर्ग का उत्कर्ष हुआ।


अंततः युद्ध की विभीषिका ने अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सहयोग की भावना को प्रोत्साहन दिया। सर्वत्र यह आवाज उठाई जाने लगी कि विश्व के सभी देशों को परस्पर मिलकर तथा शांतिपूर्वक रहना चाहिए। परिणामस्वरूप राष्ट्रसंघ का निर्माण हुआ।