समुद्रपारीय प्रवासन की पृष्ठभूमि - Roma or Gypsy Diaspora

समुद्रपारीय प्रवासन की पृष्ठभूमि - Roma or Gypsy Diaspora


इतिहास की परिवर्तन और निरंतरता की अवधारणा को अगर ध्यान में रखकर भारत से समुद्रपारीय देशों में प्रवासन को अगर देखें तो पता चलता है कि सिंधु घाटी सभ्यता काल से लेकर आज तक यह जारी हैं, सिर्फ काल और वैश्विक परिघटनाओं के कारण भारतीय प्रवासन के स्वरूप बदलते गए। भारत से औपनिवेशिक काल में हुए बहुत बड़े पैमाने पर भारतीय समुद्रपारीय प्रवासन का गहरा संबंध आधुनिक यूरोप में हुए क्रांतिकारी परिवर्तनों और युगांतकारी घटनाओं से है। यूरोप में 400-1850 ई. की अवधि में लगातार कुछ ऐसे परिवर्तन जैसे आर्थिक,

सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भौगोलिक खोज, वाणिज्य-व्यापार और अंततः पूँजीवादी व्यवस्था का उदय सामंतवाद का पतन और राष्ट्रीय राज्य का उदय होता है। ज्ञान, कला और धर्म के क्षेत्र में पुर्नजागरण, वैज्ञानिक खोजें, प्रोटेस्टेंट का उदय और रोमन कैथोलिक धर्म में सुधार, जिनकी वजह से वहाँ उत्पादन की फैक्ट्री पद्धति (विशेषतः इंग्लैंड में) चालू हो गई। उपरोक्त कारणों से उत्पादन में बेतहाशा वृद्धि हुई जिसे इतिहासकारों ने औद्योगिक क्रांति (1750-1850) का नाम दिया। इस क्रांति ने फैक्ट्री में वस्तुओं का अत्यधिक मात्रा में उत्पादन किया तथा उत्पादित माल के लिए बाजार और कच्चे माल के लिए उपनिवेशों की स्थापना को प्रेरित किया।

(द एनसाइक्लोपीडिया ऑफ द इंडियन डायस्पोरा, 2007)


1869 में स्वेज नहर के निमार्ण ने भूमध्यसागर तथा लाल-सागर को जोड़ा। इससे यूरोप से एशिया की दूरी कम हो गई। इसने भी अंतरराष्ट्रीय प्रवासन को प्रेरित किया।


वैश्विक परिस्थिति के साथ-साथ घरेलू सामाजिक आर्थिक परिस्थिति ने भी भारतीयों के समुद्रपारीय प्रवासन को प्रोत्साहित किया। औपनिवेशिक काल में भारत पर लगाए गए कठोर ब्रिटिश आर्थिक नीति तथा भू-राजस्व की नीतियों (स्थायी, रैयतवाड़ी, महालवाड़ी भू-राजस्व व्यवस्था) ने भारतीय कृषकों के कमर तोड़ दिए। इस काल में भारत में खेती करना फायदेमंद नहीं रहा। इन आर्थिक नीतियों ने भारत में अकाल को प्रोत्साहित किया। ऐसी ही विषम आर्थिक परिस्थिति ने भारतीय किसानों को रोजी-रोटी की तलाश में प्रवासन के लिए मजबूर किया। इन आर्थिक कारणों के साथ ही भारत के समाज में फैले जातीय भेद भाव एवं जड़ता ने भी भारतीय समाज के निम्नजातीय लोगों को समुद्रपारीय प्रवासन के लिए प्रोत्साहित किया।