इंडो- गयानिज का सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन - Social, economic and cultural life of the Indo-Guyanese

इंडो- गयानिज का सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन - Social, economic and cultural life of the Indo-Guyanese


इंडो गयानिज का सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन औपनिवेशिक ब्रिटिश शासकों के द्वारा दी गई लाख कठिनाइयों के बाद और बाद में अफ्रो-गयानिज राजनीतिक सत्ता द्वारा नस्लीय भेदभाव के बावजूद, इंडो-गयानिज मूल के लोगों ने गुयाना में अपनी संस्कृति को संरक्षित रखा और उसका संवर्धन तरह-तरह के मंदिर, मस्जिद आदि को बनाकर किया। इंडो गयानिज द्वारा पर्वो में होली, दिवाली को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है। साथ ही मुस्लिन धर्म के पर्व भी मनाए जाते रहे हैं।


इंडो-यानिज समाज के बहुत सारे परिवारों में हिंदी या उर्दू सीखने की ललक देखी गई । यहाँ बॉलीवुड की फिल्मों की बहुत प्रसिद्धि है। यद्यपि प्राइवेट रेडियो स्टेशन गुयाना में नहीं हैं, बावजूद इसके गुयाना में इंडो गयानिज लोगों के पास प्राइवेट टी.वी. चैनेल हैं जिनमें इंडो-गयानिज फ़िल्में, सामाजिक- सांस्कृतिक कार्यक्रम बहुतायत में प्रसारित किए जाते हैं। इंडो गयानिज समुदायों के आपसी सामुदायिक कार्यक्रमों में बॉलीवुड के फ़िल्मी गाने और नृत्य का प्रदर्शन इनके आवश्यक अंग होते हैं। इडो गयानिज परिवार भारतीय संगीत, नृत्य अपने बच्चों को सिखाते भी हैं। बहुत सारे खानपान का उपयोग किया जाता है जिनका मूल भारतीय है।


इंडो-गयानिज लोग मुख्यत: तीन धर्मों यथा हिंदू इस्लाम और क्रिश्चन के पर्वों का लुफ्त उठाते हैं। अंतर-धार्मिक विवाह तो होते हैं, परंतु यह आम नहीं हैं। हाल के वर्षों में बहुत सारे हिंदुओं ने क्रिश्चन धर्म को अपना लिया है। कुछ मुस्लिम या इंडो गयानिज मूल के क्रिश्चन अपने को अपनी पहचान मुस्लिम या क्रिश्चन के रूप में कराते हैं न कि इंडो गयानिज के रूप में इसी धार्मिक अंतर या भारत में उनके क्षेत्र जहाँ से वे गए थे, के कारण, इंडो गयानिज एक समुदाय के रूप में उतने मजबूत नहीं हैं।




गुयाना के व्यापार पर इंडो- गयानिज लोगों का दबदबा है। गुयाना में उद्योग बहुत अधिक विकसित नहीं हैं। इसीलिए अनाज का उत्पादन महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि है। इंडो गयानिज मूल के लोगों द्वारा ही कुछ छोटे उद्योग स्थापित किए गए हैं। चावल के उत्पादन में इंडो गयानिज की महत्वपूर्ण भूमिका है। यद्यपि इंडो गयानिज काफी धनाढ्य हैं और प्रशासन में भी बड़े पदों पर है तथापि गयाना में अपनी जनसंख्या के अनुरूप शासन प्रशासन में नहीं हैं। गयाना में बहुत बड़ी संख्या में इंडो गयानिज लोग चिकित्सा और कानून के क्षेत्र में हैं जहाँ उनकी प्रैक्टिस चलती है। मॉरीशस, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा फीजी की तरह गयाना में भारत से आने वाले बहुत कम एन. आर. आइ. हैं। इनकी संख्या 100 के करीब होगी।