लोकोक्ति की परिभाषा - definition of proverb
लोकोक्ति की परिभाषा - definition of proverb
लोकोक्ति को विभिन्न विद्वानों ने अपने मतानुसार परिभाषित करने का प्रयास किया है। इन परिभाषाओं में लोकोक्ति की विशेषताओं को समाहित किया गया है। लोकोक्ति के स्वरूप और विशेषताओं को प्रकट करने वाली परिभाषाएँ इस प्रकार हैं-
"जीवन में व्यवहृत प्राचीनकाल के छोटे कथन ।”
- जॉनसन
"जनता की भाषा में किसी सर्वमान्य सत्य को थोड़े शब्दों में प्रकट करने वाले लोक प्रचलित कथन। "
- बोरकार्ट
" अनेक का चातुर्य और एक की बुद्धि का चमत्कार एक की सूझ जिसमें अनेक का चातुर्य सन्निहित है । "
- रसैल
"जीवन के विस्तृत प्रांगण में भिन्न-भिन्न अनुभव सर्वसाधारण जन-मानस को प्रभावित करके उसकी अभिव्यक्ति से सम्बन्धित अंग को उत्कर्ष प्रदान करते हैं। ये अनुभव ही लोकोक्तियाँ या कहावतें हैं।"
- डॉ. श्याम परमार
"लोकोक्तियाँ अनुभवसिद्ध ज्ञान की निधि हैं। मानव ने युगों-युगों में जिन तथ्यों का साक्षात्कार किया है, उनका प्रकाशन इनके माध्यम से होता है। ये चिरकालीन अनुभूत ज्ञान के सूत्र हैं।"
- डॉ. कृष्णदेव उपाध्याय
"लोकोक्तियाँ मानवीय ज्ञान के चोखे और चुभते हुए सूत्र हैं। जिस प्रकार अनन्तकाल तक धातुओं को तपाकर सूर्य राशि नाना प्रकार के रत्न उपरत्नों का निर्माण करती है, जिनका आलोक सदा छिटकता रहता है, उसी प्रकार लोकोक्तियाँ मानवी ज्ञान के घनीभूत रत्न हैं, जिन्हें बुद्धि और अनुभव की किरणों से फूटने वाली ज्योति प्राप्त होती है।"
- डॉ. वासुदेवशरण अग्रवाल
" कहावत सामान्यतः संक्षिप्त, सारगर्भित और प्रभावशाली उक्ति है,
जिसमें जीवन की अनुभूतियाँ स्पष्टतः झलकती हैं और जो परिस्थिति की अनुकूलता को दृष्टि में रखकर प्रयोग में लाई जाती हैं। "
- डॉ० दक्षिणामूर्ति
उक्त परिभाषाएँ लोकोक्ति के स्वरूप और विशेषताओं पर प्रकाश डालती हैं। कहा जा सकता है कि लोकोक्ति का स्वरूप विशद् और व्यापक है, उसे कुछ शब्दों में समाहित करना सरल कार्य नहीं है। किन्तु इतना अवश्य कहा जा सकता है कि लोकोक्ति जनता की उक्ति है। उसमें मानव जीवन का अनुभव संचित होने के कारण उसे अनुभव की दुहिता कहा जाता है जो सर्वथा उचित है।
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