मुहावरों और लोकोक्तियों का अन्तर - difference between idioms and proverbs

मुहावरों और लोकोक्तियों का अन्तर - difference between idioms and proverbs


लोकोक्ति और मुहावरे दोनों का ही प्रयोग भाषा में रोचकता और अभिव्यक्ति में संक्षिप्तता लाने के लिए किया जाता है। दोनों में वक्ता की बात को प्रभावी बनाने की क्षमता है किन्तु इनमें पर्याप्त असमानताएँ हैं जो इस प्रकार हैं-


1. मुहावरा वाक्यांश है और इसका स्वतन्त्र रूप से प्रयोग नहीं किया जा सकता है। लोकोक्ति सम्पूर्ण वाक्य


है। इसका स्वतन्त्र रूप से प्रयोग किया जा सकता है।


2. मुहावरे गद्यात्मक होते हैं जबकि लोकोक्तियाँ गद्य और पद्य दोनों रूपों में उपलब्ध होती हैं।


3. मुहावरों का प्रयोग लाक्षणिक होता है जबकि लोकोक्ति का प्रयोग अन्योक्ति या अप्रस्तुत व्यंजना के लिए होता है। 4. मुहावरों के अन्त में 'ना' प्रत्यय रहता है। जैसे, घी के दिये जलाना, ईद का चाँद होना आदि। जबकि


लोकोक्ति में इस प्रकार का लक्षण नहीं होता है।


5. मुहावरे शब्द-शक्तियों के अन्तर्गत आते हैं जबकि लोकोक्तियाँ अलंकार-शास्त्र के अन्तर्गत आती हैं।


6. मुहावरों में कार्य व्यापार होता है जबकि लोकोक्तियों में अनुभूतिजन्य कथन या नैतिक वाक्य होता है। 7. मुहावरे और लोकोक्तियाँ दोनों लघुरूप होते हैं तथापि मुहावरे लघुत्तर होते हैं।


8. मुहावरे को दूसरी भाषा में रूपान्तरित नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे उसके अर्थ सौन्दर्य की हानि होती है जबकि लोकोक्ति को अन्य भाषा में रूपान्तरित किया जा सकता है। इससे अभिव्यंजनात्मक भिन्नता भले ही आ जाती है किन्तु सार्वकालिक सत्य और मौलिक भाव एक ही रहता है।