हिन्दी की जनपदीय बोली - खड़ीबोली - District dialect of Hindi - Khariboli

 हिन्दी की जनपदीय बोली - खड़ीबोली - District dialect of Hindi - Khariboli


इसके अन्य नाम हैं हिन्दुस्तानी कौरवी, नागरी खड़ी का अर्थ है मानक, प्रमाणित (स्टैंडर्ड) जैसे पुणे की मराठी बोली महाराष्ट्र की मानक बोली है। वर्तमान में हिन्दी हो या उर्दू, दोनों खड़ीबोली पर आधारित हैं। इसी बोली का विकसित रूप साहित्यिक हिन्दी है जो अब राजभाषा है। यह गंगा-यमुना के उत्तरी भाग तथा अम्बाला जिले की बोली है। इस्लाम के प्रभाव के कारण शब्दों के साथ इसकी ध्वनि पर भी अरबी और फ़ारसी का प्रभाव है। खड़ीबोली शुद्ध के अर्थ में भी ली जाती है जिस पर किसी का प्रभाव नहीं है। गुलेरीजी के अनुसार मेरठ की बोली को शुद्ध बनाकर समाजोपयोगी बनाया गया है। सुनीतिकुमार चाटुर्ज्या का भी यही मत है। कुछ विद्वान् इसे रेख्ता (गिरी खड़ी) भी मानते हैं। इसके अधिकांश शब्द अकारान्त हैं। ऐ के स्थान पर ए औ के स्थान पर ओ बोला जाता है।