फिजी का भौगोलिक परिदृश्य - Fiji's Geography
फिजी का भौगोलिक परिदृश्य - Fiji's Geography
फिजी के अधिकांश द्वीप 15 करोड़ वर्ष पूर्व आरंभ हुए ज्वालामुखीय गतिविधियों से गठित हुआ है। इस देश के द्वीपसमूह में कुल 322 द्वीप हैं, जिनमें से 106 स्थायी रूप से बसे हुए हैं। इसके हुए अतिरिक्त यहाँ लगभग 500 अति छोटे द्वीप हैं जो कुल मिला कर 18,300 वर्ग किमी के क्षेत्रफल का निर्माण करते हैं। द्वीपसमूह के दो प्रमुख द्वीपविती लेवु और वनुआ लेवु हैं जिन पर देश की लगभग 87 प्रतिशत आबादी निवास करती है और जो उष्णकटिबंधीय वनों से आच्छादित हैं। राजधानी सुवा विती लेव में स्थित है। अन्य महत्वपूर्ण शहरों में शामिल हैं: नांदी-अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, लटौका एक बडी चीनी मिल और समुद्री- पत्तन यहाँ स्थित है।
वनुआ लेवु द्वीप के मुख्य शहरों में लाबासा और साबुसाबु प्रमुख है। अन्य द्वीपों या द्वीप समूहों में शामिल हैं तावेउनी और कंदावु जो क्रमशः तीसरा और चौथा सबसे बड़ा द्वीप है। इसके अलावा मामानुका समूह (नांदी से थोड़ा बाहर) और यसावा समूह लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में है, लोमाईविती समूह, सुवा से बाहर है और दूरस्थ लाउ समूह रोटुमा, द्वीपसमूह के उत्तर में कुछ 500 किलोमीटर (310 मील) की दूरी पर स्थित है और इसे फिजी में एक विशेष प्रशासनिक दर्जा हासिल है। फिजी का निकटतम पड़ोसी टोंगा है।
फिजीद्वीप का मुख्य द्वीप विती लेवु के नाम से जाना जाता है और इसी नाम का उच्चारण इनके पड़ोसी द्वीप टोंगा के निवासी 'फिसी' के रूप में करते थे जिसके कारण इसका नाम फिजी पड़ा है।
यूरोपीय लोगों को फिजीवासियों के बारे में सर्वप्रथम कैप्टन कुक के महासागरीय अभियानों के दौरान उनके दल के सदस्य रहे लेखकों के लेखों के द्वारा पता चला। यह लेखक फिजीवासियों से पहले पहल टोंगा द्वीप पर मिले थे। इन लेखों में फिजी के मूल निवासियों को दुर्जेय योद्धा और क्रूर आदमखोरों के रूप में वर्णित किया गया था। साथ ही उन्हें प्रशांत क्षेत्र में श्रेष्ठ वाहिकाओं (पोतों) के निर्माता, लेकिन औसत नाविक के रूप में भी दर्शाया गया है। वे अपने घर को विती कहते थे, लेकिन टोंगाओं ने इसे फिसी कहा और कैप्टन कुक ने जो एक विदेशी थे इसका उच्चारण फिजी किया और अब इन द्वीपों के नाम को इसी नाम से जाना जाता है।
फिजी के पहले निवासियों का आगमन यूरोपीय अन्वेषकों से बहुत पहले ही हो गया था जो कि 17 वीं शताब्दी में फिजी आए थे। मिट्टी के बर्तनों की खुदाई से पता चलता है कि 1000 ई. पू के आस- पास भी फिजी में निवासी रहा करते थे, हालांकि अभी भी उनके फिजी प्रवास के विषय में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। डच अन्वेषक हाबिल टैस्मान सन् 1643 ई. में जब दक्षिणी महाद्वीप की तलाश में निकले थे तब उन्होंने फिजी का दौरा किया था। उन्नीसवीं सदी तक यूरोपीय स्थायी रूप से द्वीप पर नहीं बसे थे।
फिजी में प्रचुर मात्रा में वन, खनिज और मत्स्य संसाधन हैं, जिसके कारण यह प्रशांत
महासागरीय द्वीप क्षेत्र की तुलनात्मक रूप से अधिक विकसित अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
फिजी ने 1960 ई. व 1970 ई. के दशक में तेजी से वृद्धि की, लेकिन 1980 के दशक की शुरुआत में अर्थव्यवस्था में ठहराव आ गया, 1987 के तख्तापलट ने तो इसे और मंदा कर दिया। तख्तापलट के बाद के वर्षों में आर्थिक उदारीकरण के चलते कपड़ा उद्योग का विकास बड़ी तेज गति से हुआ है। साथ ही चीनी उद्योग से जुड़ी जमीन के पट्टों की अनिश्चितता के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था ने अपनी वृद्धि दर कायम रखी है। गन्ना किसानों के पट्टों की अवधि समाप्त हो जाने से चीनी के उत्पादन में रियायती मूल्य के बावजूद गिरावट आई है।
चीनी के लिए यूरोपीय संघ द्वारा सब्सिडी का प्रावधान किया गया है और सबसे अधिक लाभान्वित होने वालों में मॉरीशस के बाद फिजी दूसरे स्थान पर है। शहरीकरण और सेवा क्षेत्र के विस्तार ने, हाल के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि में योगदान किया है। तेजी से बढ़ रहा चीनी का निर्यात और पर्यटन उद्योग विदेशी मुद्रा के प्रमुख स्रोत हैं। फिजी राजस्व के लिए पर्यटन पर निर्भर है। चीनी प्रसंस्करण सारी औद्योगिक गतिविधियों का एक तिहाई आर्थिक स्रोत बनता है। लंबे समय की समस्याओं में कम निवेश और अनिश्चित संपदा का अधिकार शामिल है।
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