हिन्दी की जनपदीय कुमा बोली के लोक-साहित्य का परिचय - Introduction to the folk literature of the district Kuma dialect of Hindi

हिन्दी की जनपदीय कुमा बोली के लोक-साहित्य का परिचय - Introduction to the folk literature of the district Kuma dialect of Hindi


कुमाऊँनी में पुत्र जन्म पर लोक गीत गाया जाता है-


लोक के नाथ हरि जन्म लिए,


पीताम्बर की कथनी काछे चतुर्भुज रूप धरे ।


आदिवासियों की मान्यता है कि शंकर की पूजा करने से पुत्र मिलता है। इनके लोकगीतों में चढ़ावे का वर्णन भी मिलता है-


शिव के मन माहि बसे काशी शिव के मन माहि बसे काशी। आधी काशी में बामन बनिया, आधी काशी में संन्यासी, शिव के मन माहि बसे काशी। काही करन को बामन बनिया, काही करन को संन्यासी,


शिव के मन माहि बसे काशी।


पूजा करन को बामन बनिया । शिव के मन माहि बसे काशी।


पूजा करन को संन्यासी,