लोक-साहित्य के अग्रणी विद्वान - डॉ. उदय नारायण तिवारी - Leading scholar of folklore - Dr. Uday Narayan Tiwari

लोक-साहित्य के अग्रणी विद्वान - डॉ. उदय नारायण तिवारी - Leading scholar of folklore - Dr. Uday Narayan Tiwari


सन् 1903 में जन्मे डॉ. उदय नारायण तिवारी प्रयाग साहित्य सम्मेलन की स्थायी समिति के सदस्य व मंत्री रहे। वे प्रयाग विश्वविद्यालय में प्राध्यापक तथा हि. वि. लैंग्वेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट जबलपुर में अध्यक्ष भी रहे। डॉ. तिवारी ने विदेशों में वरिष्ठ शोधकर्त्ता के रूप में कार्य किया तथा अध्यापन पद्धति का सूक्ष्म निरीक्षण किया। वे भाषा - विज्ञान के प्रकाण्ड विद्वान् के रूप में जाने जाते हैं। इन्होंने 'भोजपुरी भाषा और साहित्य' पुस्तक में भोजपुरी भाषा का वैज्ञानिक विवेचन प्रस्तुत किया है।

भोजपुरी भाषा के ज्ञान का इतना गम्भीर अध्ययन अन्यत्र उपलब्ध नहीं है। यह पुस्तक डॉ. तिवारी के लगभग 20 वर्षों के अनवरत परिश्रम एवं अथक अध्ययन का परिणाम है। इन्होंने भोजपुरी साहित्य पर भी शोध किया जिसका विषय था, 'ओरिजिन एंड डेवेलपमेंट ऑफ भोजपुरी' । उक्त ग्रन्थ इनके शोध कार्य का हिन्दी रूपान्तरण है। इन्होंने भोजपुरी साहित्य का संकलन-संग्रहण का कार्य भी किया। इनके अतिरिक्त डॉ. तिवारी की अन्य प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं- (1) भोजपुरी भाषा और साहित्य, (2) भोजपुरी मुहावरे और पहेलियाँ।