लोक कला का प्रतिपाद्य एवं महत्त्व - Representation and importance of folk art

 लोक कला का प्रतिपाद्य एवं महत्त्व - Representation and importance of folk art


कला मनुष्य की सौन्दर्य कल्पना को साकार करने का माध्यम है। यह मानवीय मनोभावों की सहज अभिव्यक्ति है। सौन्दर्यपूर्ण कल्पनाभिव्यक्ति के लिए जिस किसी भी माध्यम को अपनाया जाता है उसे कला के अन्तर्गत स्वीकार किया जाता है। कला का ज्ञान मनुष्य की मानसिक शक्तियों का विकास कर उसे पशुत्व से ऊपर उठाता है अतः कहा जा सकता है कि कला मनुष्य के व्यक्तित्व के विकास के लिए आवश्यक है।