पहेलियों का वर्गीकरण - tradition of riddles

पहेलियों का वर्गीकरण - tradition of riddles


विभिन्न लोक विधाओं की भाँति पहेलियों को भी विद्वानों ने अध्ययन की सुविधा के लिए वर्गीकृत किया है। डॉ. कृष्णदेव उपाध्याय ने इन्हें प्रमुख रूप से सात श्रेणियों में विभक्त किया है-


1. खेती सम्बन्धी (कुआँ, मक्के का भुट्टा)


2. भोज्य पदार्थ सम्बन्धी (रोटी, मिर्ची)


3. घरेलू वस्तु सम्बन्धी (सुई, लोटा) 4. जीव सम्बन्धी (ऊँट, गधा )


5. प्रकृति सम्बन्धी (आकाश, दिवस) 6. शरीर सम्बन्धी (केश, दाँत)


7. प्रकीर्ण (विविध)


स्पष्ट है कि भारतीय लोक-साहित्य में विभिन्न प्रकार की पहेलियाँ उपलब्ध होती हैं। कुछ पहेलियाँ सीधी-सरल तो कुछ गूढार्थक होती हैं। कुछ गद्यात्मक रूप में, कुछ पद्यात्मक रूप में, तो कुछ दोनों के मिश्रित रूप में मिलती हैं। इन पहेलियों से हमें जनसाधारण के बुद्धि-विस्तार का ज्ञान होता है। साथ ही लोक व्यवहार और जीवन शैली की झलक भी देखने को मिलती है।