आचार्य नन्ददुलारे वाजपेयी : जीवन परिचय - Acharya Nanddulare Vajpayee: Life Introduction
आचार्य नन्ददुलारे वाजपेयी का जन्म संवत् 1963 (सन् 1906 ई.) की भाद्रपद अमावस्या को जिला उन्नाव (उत्तर प्रदेश) के मगरैल गाँव में हुआ था। उनका बचपन अपने पिता के साथ हजारीबाग में बीता और वहीं उनकी प्रारम्भिक शिक्षा सम्पन्न हुई। उन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। सन् 1932 में उन्हें हिन्दी के दैनिक पत्र 'भारत' का सम्पादक नियुक्त किया गया और वे प्रयाग आ गए। वे यहाँ थोड़े समय ही रहे. और पुनः काशी आकर नागरी प्रचारिणी सभा में 'सूरसागर के सम्पादन कार्य में लग गए।
सन् 1936 में 'सूरसागर' का सम्पादन पूर्ण हो गया और सन् 1937 में 'रामचरितमानस' का सम्पादन करने के लिए गीताप्रेस, गोरखपुर चले गए। 'रामचरितमानस' का सम्पादन पूर्ण हो गया, परन्तु गीताप्रेस की नौकरी उन्होंने छोड़ दी और सन् 1941 में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हिन्दी के प्राध्यापक नियुक्त हुए और काशी आ गए। वाजपेयी जी सन् 1040 में सागर विश्वविद्यालय में हिन्दी विभाग के अध्यक्ष बने। कई वर्ष वहाँ सेवा करने के बाद विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति नियुक्त हुए। 21 अगस्त सन् 1967 को उनका निधन हो गया।
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