नयी कविता की प्रवृत्तियाँ - new poetry trends
पण्डित रामस्वरूप चतुर्वेदी ने 'हिन्दी नवलेखन' में नयी कविता की प्रवृत्तियों को स्पष्ट किया है। इन
विशेषताओं में से कुछ विशेषताओं का उल्लेख नयी कविता को समझने की दृष्टि से आवश्यक है-
01. नयी कविता नितान्त आधुनिक है। आधुनिकतम होना उसकी प्रथम अनिवार्य शर्त है।
02. एक पूर्णतः नवीन, सुनिश्चित तथा रागात्मक दृष्टिकोण होना उसकी दूसरी अनिवार्य आवश्यकता है । पूर्णतः नवीन होना इसलिए कि परम्परागत दृष्टिकोण सारहीन, जड़ तथा खोखला है।
03. नयी कविता में सामान्य वस्तुओं तथा अकिंचन परिस्थितियों से रागात्मक सम्बन्ध होना अत्यावश्यक है।
04. उसमें गहरे तथा तीखे व्यंग्य (सटायर आइरनी) की प्रवृत्ति भी हो, किन्तु व्यंग्य ऐसा हो जो जीवन के प्रति रागात्मक दृष्टिकोण दे सके ।
05. नयी छन्द-योजना, शब्दों के ध्वन्यात्मक प्रयोग तथा आन्तरिक अर्थों का समन्वय भी नितान्त अपेक्षित
है ।
06. बिखरे भाव चित्रों तथा मुक्त साहचर्य का निःसंकोच रूप से प्रयोग होना चाहिए।
07. उसमें एक नये व्यापक तथा उदार मानवतावादी दृष्टिकोण को विकसित करने का अथक प्रयास होना
बहुत आवश्यक है।
08. सामान्य जनजीवन के प्रति एक अनिवार्य 'कंसर्न' हो। 09. मुखौटों की संस्कृति के प्रति आशंका और आक्रोश भीहो ।
10. नयी कविता का धरातल काफी हद तक बौद्धिक हो। बौद्धिक होना ही आधुनिक युग की अनिवार्यता है।
11. नयी कविता में वर्तमान से असंतोष तथा भविष्य में आस्था हो ।
12. आवेग, आवेश, उत्साह, दया नयी कविता में अनावश्यक है।
13. शिल्प की दृष्टि से खुरदरापन, अनगढ़पन, कंकरीट के पलस्तर की तरह नयी कविता में बहुत आवश्यक
वस्तु है।
14. नयी कविता गद्य कविता हो। उसमें जीवन की स्वाभाविक भाषा का प्रयोग हो।
15. वैयक्तिक भाव- चित्रों योजना करना नये कवि के लिए अनिवार्य शर्त है।
16. नयी कविता की सम्पृक्त अनुभूति के लिए पाठक का कुछ प्रशिक्षित होना आवश्यक है। 17. नये कवि के लिए कविता की रचना-प्रक्रिया यथेष्ट जटिल होती है और वह बौद्धिकता से सम्पृक्त होती
है ।
18. सृजन के क्षण उतने विशिष्ट नहीं जितने नयी कविता के आस्वादन के क्षण महत्त्वपूर्ण और विशिष्ट होते
हैं ।
19. नयी कविता में क्षण का महत्त्व होता है। उसमें नये नैतिक प्रतिमान है और नया सौन्दर्य-बोध होता है।
20. नये कवि अनिवार्य होते हुए भी आधुनिकता को यत्नज मानते हैं।
21. प्रेम और शृंगार की जो नग्नता और अश्लीलता का प्रदर्शन परम्परा से अनैतिक अथवा कुण्ठाग्रस्त माना
गया है, उसे नये कवि नैतिक मानते हैं।
22. 'कैक्टस' नये कवियों की सौन्दर्य चेतना का प्रतीक है जो ऊपर से देखने पर कँटीला होता है किन्तु भीतर
रसप्लावित रहता है। 23. सामान्यतः अकिंचन क्षणों को उनकी सम्पूर्ण असंगति में अंकित करने की चेष्टा नयी कविता का आधुनिकतम भाव-बोध है।
24. डॉ. जगदीश गुप्त 'अर्थ की लय' नयी कविता की अनिवार्य वस्तु मानते हैं। अन्त्यानुप्रास और कविता
की आभ्यन्तरिक शाब्दिक लय योजना को वे उपेक्षित करने का आदेश देते हैं।
25. डॉ. धर्मवीर भारती के प्रयास से इधर पिछले दिनों से धुरीहीनता का आन्दोलन या क्रुद्ध युवक की एक
नयी स्थिति भी नयी कविता की एक अनिवार्य विशेषता के रूप में जुड़ गई है।
26. नये कवि और समीक्षकों का कहना है कि नयी कविता का विकास अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर समान रूप से हो
रहा है।
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