कुँवर नारायण का काव्य - Poetry of Kunwar Narayan
कुँवर नारायण का काव्य बहुविध है। वे प्रमुखतः कवि हैं परन्तु उन्होंने साहित्य की प्रमुख विधाओं में भी लेखन कार्य किया है। उनकी प्रकाशित कृतियाँ निम्नवत् हैं-
कविता-संग्रह :
चक्रव्यूह (1956), तीसरा सप्तक (1959), परिवेश हम तुम (1961), अपने सामने (1979), कोई दूसरा नहीं (1993), इन दिनों (2002)।
खण्डकाव्य
आत्मजयी (1965), वाजश्रवा के बहाने (2008)।
आकारों के आस-पास (1973)।
आज और आज से पहले (1998), मेरे साक्षात्कार (1999), साहित्य के अन्तर्विषयक
सन्दर्भ (2003), तट पर हूँ पर तटस्थ नहीं (भेंटवार्ताएँ) (2010), रुख (2014)।
हिन्दुस्तानी अकादमी पुरस्कार, प्रेमचन्द पुरस्कार, तुलसी पुरस्कार, केरल का कुमारन
आशान पुरस्कार, व्यास सम्मान, शलाका सम्मान (हिन्दी अकादमी, नयी दिल्ली),
प्रदेश हिन्दी संस्थान पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार, कबीर सम्मान, पद्मभूषण ।
कहानी-संग्रह
समीक्षा
पुरस्कार
उत्तर
हिन्दी के वरिष्ठ कवि और ज्ञानपीठ से सम्मानित कवि कुँवर नारायण का 90 वर्ष की उम्र में 15 नवम्बर, 2017 को मस्तिष्क आघात के कारण निधन हो गया।
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