21वीं सदी और हिन्दी शिक्षण - 21st century and Hindi teaching

प्रौद्योगिकी के विस्फोट से 21वीं सदी, समय, स्थान, माँग और गति को लेकर आगे बढ़ रही है। इस दिशा में, हिन्दी शिक्षण को मुख्यतः तीन आधार मुद्दों को ध्यान में रख कर आगे बढ़ना होगा, यथा-


(1) 21वीं सदी की आवश्यकतानुसार साहित्य के अलावा, विभिन्न विषय-वस्तुओं पर आधारित प्रयोजनात्मक अवधारणामूलक पाठ्यक्रमों (जैसे, समाचार-लेखन / वाचन, विज्ञापन-लेखन (Copy-writing), संचालन (Anchoring), पटकथा-लेखन, वृत्तान्त-लेखन / वाक् प्रस्तुतिकार / खेल-वृत्तकार (Commentary Writer / Commentator) पर्यटन - गाइड, विपणन-एजंट, प्रशासनिक हिन्दी आदि।) को चलाना । (ii) पारम्परिक शिक्षण माध्यमों (चॉक-टॉक-मॉडेल- चित्र आदि) के साथ आधुनिक दृश्य-श्रव्य माध्यमों


(जैसे, सिनेमा / टी.वी./ कंप्यूटर / मोबाइल आदि) एवं (iii) प्रत्यक्ष - जीवन्त फील्ड-माध्यमों (Outing-Live-Objects) द्वारा प्रायोगिक / व्यावहारिक / यथार्थधारित (Practical / Virtual) हिन्दी शिक्षण देना।


चूँकि, वैश्विक परिप्रेक्ष्य में हिन्दी आयामों तदनुसार अनुप्रयोगों को लेकर राजभाषा और अन्य विषयक- क्षेत्रों में विमर्श आरम्भ हो चुका है अतः अब, वैश्विक परिप्रेक्ष्य में हिन्दी को स्थापित करने के लिए उपर्युक्त मुद्दों पर संज्ञान लेकर, एक ओर जहाँ प्रयोजनमूलक पाठ्यक्रमों के निर्माण की आवश्यकता बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर, इन पाठ्यक्रमों पर आधारित हिन्दी में पाठ्यसामग्री लेखन / प्रकाशन की भी माँग है। इसके साथ ही,

अध्यापन-शैली / तकनीक को भी नयी पद्धतियों के अनुसार धारदार प्रयोजनमूलक बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों में हिन्दी सम्बन्धित रोज़गार की भी बहुत सम्भावनाएँ सामने आ रही हैं। यह बहुत विशाल विषय- क्षेत्र है। अब हम, दृश्य-श्रव्य माध्यम के चैनल की एक मिसाल लेकर इस मुद्दे पर विराम देंगे....


एक छोटी सी मिसाल-


(जी हिन्दुस्तान / इंडिया टी.वी. चैनल की रिपोर्ट प्रस्तुति से दि. 01.01.2018 समय : लगभग सायं 05.10 'सच्ची घटना' केपशनस --->


इंडोनेशिया में फटा माउंट सिनाबुंग ज्वालामुखी/ 8000 फुट ऊँचा है ये ज्वालामुखी


कमेंट्री: "पहला विस्फोट 90 सेकंड तक चला जबकि दूसरा सात मिनट तक चलता रहा, माउंट सिनाबुंग का यह विस्फोट कोई नया नहीं है; चार सदी तक ये ज्वालामुखी शान्त रहा ये ज्वालामुखी 8000 फुट ऊंचा है..., इस ज्वालामुखी में 2010 में विस्फोट हुआ था, हालिया सालों में 2016 के मई महीने में इसमें विस्फोट हुआ। इस विस्फोट में सात लोगों की मौत हो गई थी, " "इस ज्वालामुखी के पास एक, 2-1/2 मील के दायरे को एक डेंजर जोन में बदल दिया गया है....।"


इस क्लिप को देखते (दृश्य) और तदनुसार साथ-साथ चल रहे (जीवन्त ) / Live) वृत्तान्त ( कॉमेंट्री) को सुनते (श्रव्य) चले जाने के दौरान अगर उनका (पूरी सामग्री का) दृश्य-श्रव्य भाषिक मानकों के आधार पर विश्लेषण किया जाए तो हमें, भाषारूप (हिन्दुस्तानी / हिंदू / हिंग्लिश), उच्चारण, लय / गति, दृश्य प्रस्तुति (कैमरा-मूवमेंट्स) के साथ, दृश्यों में आने वाली वस्तुओं आदि को समेटते हुए, की / दी गई कॉमेंट्री के तालमेल आदि की कौशलीय शैली, पकड़ में आ सकती है।