विकारी शब्द : क्रिया - conjugation word: verb

क्रिया से तात्पर्य


निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित अंशों पर ध्यान दीजिए-


(i) बच्चे खेल रहे हैं।


(ii) बारिश हो रही थी।


(iii) बच्चा पढ़ रहा था।


(iv) धूप निकल रही है। 


(v) मीरा एक डॉक्टर है।


(vi) किताब मेज़ पर थी।

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(vii) वह बहुत पैसे वाला है।


viii) वह बीमार थी।


ऊपर के (i) से (iv) तक के वाक्यों के रेखांकित अंशों से किसी-न-किसी 'गतिविधि' या 'कार्य-व्यापार' (Action) का पता चल रहा है तो वाक्य (v) से (viii) तक के वाक्यों के रेखांकित अंशों से किसी व्यक्ति या वस्तु की 'स्थिति' या 'अवस्था' का व्याकरण में ये अंश 'क्रिया-पदबंध' के नाम से जाने जाते हैं। कहने का तात्पर्य यही है की 'क्रिया' शब्द किसी कार्यकलाप की जानकारी या किसी व्यक्ति / वस्तु की स्थिति / अवस्था की सूचना देते है ।

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अतः 'क्रिया', वे शब्द हैं जिनसे किसी घटना या कार्यकलाप (action) के होने या करने की सूचना मिलती है अथवा किसी वस्तु या व्यक्ति की स्थिति या अवस्था का पता चलता है। इसी आधार पर हर भाषा में हमें दो तरह की क्रियाएँ मिलती हैं-


(क) कार्यकलाप बोधक क्रियाएँ (Action Verbs) -


चलना, आना, जाना, खाना, पीना लेना देना, करना, पढना, लिखना आदि क्रियाओं के मूल रूप को 'धातु' कहते हैं। क्रिया के 'धातु' रूप में 'ना' (Infinitive) जोड़कर क्रिया का मूल रूप बनाया जाता है तथा वाक्य में प्रयुक्त करते समय 'ना' का लोप कर दिया जाता है।

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(ख) अस्तित्ववाची क्रिया (Existencial Verb) -


जिस तरह अंग्रेजी में 'to be' अस्तित्ववाची क्रिया है उसी तरह हिन्दी में 'होना' 'अस्तित्ववाची 'क्रिया' है। इसके वर्तमानकाल के रूप हैं- 'है', 'हैं', 'हूँ', 'हों' आदि तथा भूतकाल के रूप हैं- 'था', थे', थी', 'थीं' आदि।