विकारी शब्द- विशेषण - disorderly adjective

विशेषण से तात्पर्य


'विशेषण' वे शब्द हैं जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने का कार्य करते है, जैसे 'काला कुत्ता' में 'काला' शब्द 'कुत्ता' शब्द के रंग की विशेषता बता रहा है। इससे पता चल रहा है कि 'कुत्ते का रंग काला है।' संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता संज्ञा सर्वनाम के गुण संख्या तथा परिमाण या मात्रा बताकर बतायी जा सकती है। इस बात को समझने के लिए निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित पदों पर ध्यान दीजिए-


(1) छोटे बच्चे हमेशा शरारत करते हैं।


(ii) उसे कच्चे आम बहुत पसंद हैं।

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(iii) मुझे थोड़ी चीनी चाहिए।


(iv) पिताजी सफ़ेद कमीज़ पहनकर गए हैं।


(v) कुछ लोग हमेशा झूठ ही बोलते रहते हैं।


(vi) आज तीन अध्यापक अनुपस्थित थे।


(vii) खीर बनाने के लिए चार लीटर दूध ले आना ।


उपर्युक्त 1 से 3 तक के वाक्यों के रेखांकित पद अपनी अपनी संज्ञाओं के गुणों (qualities) की ओर संकेत कर रहे हैं।

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ये बता रहे हैं कि 'बच्चे छोटी उम्र के हैं', 'आम कच्चे हैं' तथा 'कमीज़ का रंग सफ़ेद है। वाक्य 4 और 5 के रेखांकित पद अपनी अपनी संज्ञाओं की संख्या (number) के बारे में सूचना दे रहे हैं। 'कुछ' पद लोगों की अनिश्चित संख्या बता रहा है तथा 'तीन' पद अध्यापकों की निश्चित संख्या बता रहा है। वाक्य 6 तथा 7 के रेखांकित पद अपनी अपनी संज्ञाओं की मात्रा या परिमाण (quantity) की सूचना दे रहे हैं। 'थोड़ी' पद से 'चीनी की अनिश्चित मात्रा' का पता चल रहा है तो 'चार लीटर' पद से 'दूध की 'निश्चित मात्रा' का संकेत • मिल रहा है। कहने का तात्पर्य यही है कि सभी रेखांकित पद अपनी-अपनी संज्ञाओं के या तो गुण या संख्या या मात्रा अथवा परिमाण सम्बन्धी विशेषता बता रहे हैं।

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जो शब्द अपने विशेष्य की विशेषता बताता है उसे व्याकरण में 'विशेषण' कहा जाता है। विशेषण न केवल संज्ञा की बल्कि 'सर्वनाम' तथा 'विशेषणों' की भी विशेषता बता सकते हैं, जैसे-


(i) बेचारी वह ऐसे में और क्या करती ?


(ii) पिताजी ने तीनों ग़रीब बच्चों की फीस जमा करा दी।


('वह' सर्वनाम की विशेषता ) ('गरीब' विशेषण की विशेषता)

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वाक्य- (i) का 'बेचारी' पद 'वह' सर्वनाम की विशेषता बता रहा है तथा वाक्य (ii) का 'तीनों' पद 'गरीब' विशेषण पद की विशेषता बता रहा है। 'विशेषण' शब्दों की विशेषता बताने वाले विशेषणों को 'प्रविशेषण' कहते हैं । वस्तुतः विशेषणों के पहले जितने भी विशेषण लगते हैं वे सब 'प्रविशेषण' कहलाते हैं, क्योंकि वे अपने आगे वाले विशेषण की विशेषता बताते हैं।


विशेषण की परिभाषा : जो शब्द संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण शब्दों के गुण, संख्या या परिमाण / मात्रा आदि से सम्बन्धित विशेषता की सूचना देते हैं, 'विशेषण' कहलाते हैं।