हिन्दी के प्रयोगात्मक रूप एवं क्षेत्र - Experimental forms and areas of Hindi
भारत के संविधान में ( भाग -17 में) संघ की राजभाषा के रूप में, हिन्दी का उल्लेख आता है। जबकि, इसी संविधान के अनुच्छेद 351 में 'हिन्दुस्तानी' का भी जिक्र आता है। अतः, समाज, वाणिज्य, मनोरंजन, पर्यटन, शिक्षण आदि कार्य / व्यावहारिक क्षेत्रों में हिन्दी, भारत की प्रमुख सामासिक सम्पर्क भाषा के रूप में, देश तथा विदेशों में प्रयुक्त होकर एक प्रमुख भाषा के रूप में पहचान बना चुकी है। इस कारण हिन्दी के प्रयोग की कई भूमिकाएँ सामने आई हैं। हिन्दी प्रयोगी क्षेत्रों को ध्यान रखते हुए हिन्दी के प्रशिक्षण / शिक्षण की आवश्यकतानुसार, हिन्दी के प्रयोजनमूली रूपों को विकसित किया गया। चलिए, इस दिशा में आगे बढ़ें …
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