हिन्दी में लिंग परिवर्तन के नियम - gender change rules in hindi

हिन्दी में प्रायः पुल्लिंग शब्दों को ही मूल शब्द माना जाता है और उन्हीं में प्रत्यय जोड़कर स्त्रीलिंग शब्द बनाए जाते हैं । इस तरह से बने स्त्रीलिंग शब्दों में मूल शब्द का अंश विद्यमान रहता है और वे पुल्लिंग स्त्रीलिंग शब्दों के युग्म के रूप में मिलते हैं। हिन्दी में यद्यपि पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के वैसे स्पष्ट नियम नहीं है जैसे संस्कृत में थे पर फिर भी विकल्पों को छोड़ दिया जाए तो कुछ सामान्य नियम बताए जा सकते हैं जो इस प्रकार हैं-

(1) कुछ अकारान्त तथा आकारान्त संज्ञा शब्दों के अन्त में आने वाले 'अ / आ' स्वर का लोप हो जाता है और उनके स्थान पर स्त्रीलिंग सूचक प्रत्यय 'ई' लग जाता है।