हिन्दी की लिंग व्यवस्था - gender system of hindi
हिन्दी की लिंग व्यवस्था - gender system of hindi
यह बात तो स्पष्ट हो गई कि 'सेक्स' और 'लिंग समान नहीं होते। हमने यह भी बताया था कि जहाँ संस्कृत में तीन लिंग थे वहीं हिन्दी में दो ही लिंग रह गए। आप यह भी जानते हैं की संस्कृत के अनगिनत शब्द हिन्दी में आ गए हैं। संस्कृत के अधिकांश पुल्लिंग शब्द हिन्दी में पुल्लिंग वर्ग में चले गए तथा अधिकांश स्त्रीलिंग शब्द स्त्रीलिंग वर्ग में चले गए पर करोड़ोंनपुंसकलिंग शब्द भी थे जिन्हें इन्हीं दो वर्गों में ही जाना था।
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इस तरह संस्कृत के नपुंसकलिंग शब्दों में से कुछ शब्द तो पुल्लिंग वर्ग में गए और कुछ स्त्रीलिंग वर्ग में गए का अर्थ यह नहीं है कि शब्दों ने स्वयं यह तय किया कि कौनसा शब्द किस वर्ग में जाएगा। वस्तुतः, कौनसा शब्द किस वर्ग में जाएगा यह प्रयोक्ता पर निर्भर करता है। किसी प्रयोक्ता ने पहली बार किसी नपुंसकलिंग शब्द का प्रयोग अपनी कल्पना से पुल्लिंग में कर दिया और समस्त हिंदीभाषी समाज ने उसे स्वीकार कर लिया तो वह शब्द पुल्लिंग वर्ग का सदस्य हो गया और यदि किसी ने किसी नपुंसकलिंग शब्द का प्रयोग स्त्रीलिंग में कर दिया और समाज ने उसे स्वीकृत कर लिया तो वह स्त्रीलिंग शब्द बन गया।
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