मार्क्सवाद एक वैज्ञानिक विश्व दृष्टि - marxism a scientific world view

मार्क्सवाद दार्शनिक, आर्थिक, राजनैतिक और सामाजिक विचारों की एक पद्धति है। यह एक विश्व दृष्टिकोण है, जो इतिहास की द्वन्द्वात्मक और ऐतिहासिक व्याख्या करके मानव समाज के विकास को समझने तथा मनुष्य जीवन के लिए आवश्यक मूलभूत प्रश्नों का हल खोजने हेतु एक वैज्ञानिक उपागम प्रस्तुत करता है। इस दृष्टिकोण में विज्ञान के तथ्यों और तर्कों को आत्मसात् करते हुए मानव-सभ्यता द्वारा अर्जित समस्त ज्ञान-विज्ञान को मनुष्य के विकास और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में मोड़ने का सैद्धान्तिक आधार और व्यावहारिक मार्ग प्रस्तुत किया गया है।


मार्क्सवाद में मानव सभ्यता के इतिहास की व्याख्या के साथ-साथ उसके भावी विकास की वैज्ञानिक समझ का निदर्शन भी किया गया है।

मार्क्सवाद का मुख्य सरोकार पूँजीवादी उत्पादन प्रणाली को समझना और उसकी व्याख्या करना है। मार्क्सवाद का केन्द्रीय चिन्तन सामूहिक सामाजिक कार्यवाही के द्वारा विश्व को बदलना है। इसलिए मार्क्सवाद को उसके व्यावहारिक सन्दर्भ में ही सही ढंग से परिभाषित किया जा सकता है। इसके मूल प्रणेताओं मार्क्स और एंगेल्स के बाद लेनिन, त्रोत्स्की, रोज़ा लुक्जम्बर्ग, माओ त्से तुंग, जोजेफ़ स्टालिन, ग्योर्गी लूकाच, अंतोनियो ग्राम्शी, राल्फ फॉक्स, प्लेखेनोव, मैक्सिम गोर्की, लुई अल्थुसे आदि ने जीवन और जगत्, राजनीति और अर्थशास्त्र, कला और साहित्य आदि के सन्दर्भ में मार्क्सवाद के विभिन्न पक्षों की व्याख्या प्रस्तुत की और उसके सिद्धान्तों को व्यवहार में लागू किया।