संज्ञा से तात्पर्य - meaning of noun
संज्ञा' की संकल्पना समझने के लिए नीचे दिए गए वाक्यों के मोटे छपे शब्दों पर ध्यान दीजिए-
1. सलीम आज आगरा से वापस आया है।
2. दिनेश आज कार से घर गया है।
3. गुवाहाटी, ब्रह्मपुत्र के किनारे पर तथा दिल्ली, यमुना नदी के किनारे पर बसे हुए हैं।
4. उन लोगों को बुराई करने में ख़ुशी मिलती है।
5. हैरिस ने अपना बचपन ग़रीबी में ही गुज़ार दिया।
आपने देखा कि इन वाक्यों के मोटे अक्षरों में छपे सभी शब्द किसी-न-किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, अवस्था, गुण, भाव आदि के नामों की ओर संकेत कर रहे हैं। कहने का तात्पर्य यही है कि ऊपर के वाक्यों के मोटे अक्षरों में छपे सभी शब्द व्यक्ति, स्थान, वस्तु, जाति, अवस्था, भाव, गुण आदि के 'नाम' की ओर संकेत कर रहे हैं। व्याकरण में नामों को बताने वाले शब्दों को 'संज्ञा' कहते हैं।
संज्ञा की परिभाषा -
व्यक्ति, वस्तु, स्थान, गुण, अवस्था, भाव आदि के नाम का बोध कराने वाले शब्द 'संज्ञा शब्द' कहलाते है।
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