पदबंध : भेद-प्रभेद - Phrasebook: Discrimination

वाक्य में मुख्य रूप से चार प्रकार के पदबंध आते हैं संज्ञा पदबंध विशेषण पदबंध क्रियाविशेषण


पदबंध तथा क्रिया पदबंध |


(1) संज्ञा पदबंध


जो पदबंध वाक्य में 'संज्ञा' या 'सर्वनाम' पद के स्थान पर प्रयुक्त हो सकते हैं, 'संज्ञा पदबंध कहे जाते हैं। इसका अर्थ यही है कि 'संज्ञा पदबंध वाक्य में वही प्रकार्य करता है जो प्रकार्य किसी 'संज्ञा पद' द्वारा किया जाता है।

आपने देखा कि 'संज्ञा पद' में यदि 'विशेषण पद' जोड़ दिया जाता है तो 'संज्ञा पदबंध बन जाता है।

;

ध्यान रखिए 'संज्ञा' तथा 'सर्वनाम' एक ही कार्य करते हैं अतः 'सर्वनाम पदबंध को भी 'संज्ञा पदबंध के अन्तर्गत ही रखा जाता है। अलग से 'सर्वनाम पदबंध के भेद की आवश्यकता नहीं है।


(2) विशेषण पदबंध


'संज्ञा पदबंध की रचना पर ध्यान दीजिए। 'संज्ञा पदबंध में से यदि 'संज्ञा पद को हटा दें तो 'विशेषण पद' शेष बचता है, जैसे- 'छोटा बच्चा बहुत शरारती है' वाक्य में 'छोटा बच्चा' संज्ञा पदबंध है। इसमें से यदि 'बच्चा' संज्ञा पद को हटा दें तो 'छोटा' विशेषण पद शेष रह जाता है।

;

इस तरह वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम पदों की विशेषता जब अकेला एक विशेषण बताता है अब वह 'विशेषण पद' कहलाता है लेकिन जब यही कार्य 'विशेषणों के समूह' द्वारा किया जाता है तो उस पदबंध को 'विशेषण पदबंध' कहते हैं।


(3) क्रियाविशेषण पदबंध


आप यह जानते हैं कि वाक्य में प्रयुक्त होकर 'क्रियाविशेषण पद' क्रिया की विशेषता बताते हैं। जैसे-


(i) बच्चा धीरे चल रहा है।


(ii) पिताजी कल आएँगे।

;

(iii) वह वहाँ बैठी है।


उपर्युक्त वाक्यों में आए 'धीरे', 'कल' तथा 'वहाँ' पद अपनी अपनी क्रियाओं की विशेषता बताने के कारण 'क्रियाविशेषण' पद हैं। यदि किसी 'क्रियाविशेषण पद' के स्थान पर एक से अधिक क्रियाविशेषण पद मिलकर 'पदबंध के रूप में आते हैं और 'क्रिया' की विशेषता बताने का कार्य करते हैं तो उस 'पदबंध' को 'क्रियाविशेषण पदबंध' कहा जाता है। अतः वह 'पदबंध' जो 'क्रियाविशेषण पद' के स्थान पर प्रयुक्त होकर वहीं कार्य करता है जो अकेला एक क्रियाविशेषण पद कर रहा था तब उस पदबंध को 'क्रियाविशेषण पदबंध' कहते हैं।

;

(4) क्रियापदबंध


कोई भी 'क्रिया' शब्द जब वाक्य में प्रयुक्त होता है तब उसमें 'सहायक क्रिया' के प्रत्यय जुड़ते हैं । इस तरह 'मुख्य क्रिया' तथा 'सहायक क्रिया' से युक्त पूरी रचना को 'क्रिया पदबंध' ही कहते हैं। अतः वाक्य में प्रयुक्त 'क्रिया' सदैव पदबंध के रूप में ही होती है। देखिए क्रिया पदबंध के कुछ उदाहरण-


(1) बच्चे मैदान में दौड़ रहे हैं।


(ii) मैं रोज रात को मन्दिर जाया करता था।

;

(॥l) माताजी से खाना नहीं बनाया जाता।


(iv) वे मुझ को अक्सर फोन कर लिया करती है। 


(v) वह नौकर से कपड़े धुलवा रही है।


(vi) आप वहाँ जाकर बैठिए।