हिन्दी में वचन परिवर्तन के नियम - rules of word change in hindi
संज्ञा शब्दों के बहुवचन रूप बनाने के लिए संज्ञा के 'लिंग' की जानकारी होना अनिवार्य है। यदि संज्ञा शब्दों के लिंग का ज्ञान नहीं है तो बहुवचन बनाते समय गलती हो सकती है। उसका कारण यह है कि हिन्दी में पुल्लिंग शब्दों के बहुवचन बनाने वाले प्रत्यय अलग हैं तथा स्त्रीलिंग शब्दों के बहुवचन बनाने वाले प्रत्यय अलग। अतः एकवचन से बहुवचन बनाने का कार्य निम्नलिखित तीन चरणों में किया जा सकता है।
पुल्लिंगशब्द-
(क) आकारान्त ('आ' अन्त वाले) पुल्लिंग संज्ञा शब्द- इनको बहुवचन में बदलते समय अन्तिम स्वर 'आ' को हटा दिया जाता है तथा उसके स्थान पर 'ए' प्रत्यय जोड़ दिया जाता है।
;अपवाद:
(1) कुछ आकारान्त संज्ञा शब्द जैसे योद्धा, राजा, पिता, मुखिया, लाला आदि बहुवचन में परिवर्तित - नही होते।
(ii) रिश्ते-नाते के द्वित्त्व संज्ञा शब्दों (Reduplicative Kinship Terms) जैसे चाचा, मामा, दादा, - काका, मौसा, आदि बहुवचन में नहीं बदलते, जैसे- 'मेरी शादी में मेरे तीनों मामा / चाचा नहीं आए' किन्तु बेटा, भतीजा, भांजा, पोता आदि शब्द द्वित्त्व न होने के कारण विकृत होते हैं।
(ख) अन्य पुल्लिंग शब्द (- 'आ' को छोड़ कर शब्दान्त में कोई भी स्वर ) - इस वर्ग में वे सभी पुल्लिंगशब्द आते हैं जिनके अन्त में 'आ' के अलावा अन्य कोई भी स्वर आता है।
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बहुवचन बनाने के लिए इनमें 'शून्य प्रत्यय' (O) जोड़ा जाता है अर्थात् इनमें कोई भी परिवर्तन नहीं होता। इनके एकवचन तथा बहुवचन दोनों के रूप समान रहते हैं।
स्त्रीलिंग शब्द:
इ / ई तथा इया अन्त वाले स्त्रीलिंग संज्ञा शब्द इन शब्दों में बहुवचन बनाने वाला 'आँ' प्रत्यय जोड़ा जाता है तथा जिन शब्दों के अन्त में दीर्घ स्वर आ रहा है वह ह्रस्व हो जाता है। चूँकि हिन्दी में दो स्वर एक साथ नहीं आ सकते अतः अन्तिम दोनों स्वरों के बीच एक 'य' वर्ण की श्रुति हो जाती है, जैसे- लड़की + आँ = लड़कि + आँ लड़कि + य + आँ लड़कियाँ, स्त्री + आँ स्त्रि + आँ स्त्रि + य + आँ= स्त्रियाँ आदि। अन्य स्त्रीलिंग संज्ञा शब्द इस वर्ग में वे शब्द आते हैं जिनके अन्त में 'इ/ई' स्वरों के अलावा अन्य कोई भी स्वर आता है। इनके बहुवचन बनाते समय 'ऐं' प्रत्यय जोड़ दिया जाता है। 'ऊ' अन्त वाले शब्दों के बहुवचन बनाते समय दीर्घ 'ऊ' स्वर को हस्व 'उ' में अवश्य बदल दिया जाता है।
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