विशेषण के भेद : परम्परा के आधार पर - Variations of Adjectives: Based on Tradition

परम्परागत रूप में विशेषणों के निम्नलिखित भेद किए जाते हैं-


1. गुणवाचक विशेषण (Qalitative Adjectives) -


जो विशेषण अपने विशेष्य के गुण-दोष, रूप-रंग, आकार-प्रकार, स्वभाव, दशा, स्थिति, अवस्था आदि की सूचना देते हैं, 'गुणवाचक विशेषण' कहलाते हैं। संज्ञा (विशेष्य) पर 'कैसा / कैसी / कैसे' शब्दों से प्रश्न कीजिए। इन प्रश्नों के उत्तर में जो विशेषण मिलेंगे वे 'गुणवाचक विशेषण होंगे, जैसे- 'छोटा बच्चा' के 'बच्चा' संज्ञा पद पर प्रश्न किया जाए कि कैसा बच्चा ? तो उत्तर में प्राप्त 'छोटा' विशेषण 'गुणवाचक विशेषण' होगा। देखिए अन्य उदाहरण मोटी रस्सी, चौड़ा रास्ता, साँवली लड़की, पुराना मन्दिर, दरिद्र ब्राह्मण, फीके पकवान, ग्रामीण लोग, कमज़ोर बच्चे आदि ।

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2. संख्यावाचक विशेषण (Numeric Adjectives) -


वे विशेषण जो अपने विशेष्य की संख्या का बोध कराते हैं, 'संख्यावाची विशेषण' कहलाते हैं, जैसे- दस आदमी, दूसरी कक्षा, पहली मंजिल, प्रथम स्थान, सब लोग, कुछ लड़के, थोड़े मकान, दुगुनी कीमत, प्रत्येक व्यक्ति, वार्षिक कार्यक्रम आदि। संख्यावाचक विशेषण, जिन संज्ञाओं की विशेषता बताते हैं वे 'जातिवाचक संज्ञा' शब्द होते हैं तथा उनकी गिनती की जा सकती है। इनमें भी कुछ विशेषण अपने विशेष्य की निश्चित संख्या की सूचना देते हैं तो कुछ अनिश्चित संख्या की। इसी आधार पर इनके दो उपभेद हो जाते हैं- 'निश्चित संख्यावाचक विशेषण' तथा 'अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण देखिए उदाहरण-

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निश्चित संख्यावाचक विशेषण-


(1) इस घर में दस लोग रहते हैं। (ii) वह तीसरी कक्षा में पढ़ता है।


अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण-


(1) इस घर में कुछ लोग रहते हैं। (ii) मेले में बहुत लोग थे।


3. परिमाणवाचक विशेषण (Quantitative Adjectives):


'परिमाण' शब्द का अर्थ है 'मात्रा' (Quantity) जो विशेषण अपने विशेष्य की मात्रा की सूचना देते हैं, 'परिमाणवाचक विशेषण' कहलाते हैं,

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जैसे दस किलो आटा, पाँच लीटर दूध, थोड़ी चीनी, बहुत मिठाई, कुछ सामान, अधिक वजन, कम खर्च, इतना खाना आदि। 'परिमाण' या 'मात्रा' किसी द्रव्य पदार्थ की ही बताई जा सकती है, अतः परिमाणवाचक विशेषण जिन संज्ञाओं की विशेषता बताते हैं, वे 'द्रव्यवाचक संज्ञा' होते हैं।


संख्यावाचक विशेषणों की ही तरह परिमाणवाचक विशेषण भी अपने विशेष्य के निश्चित तथा अनिश्चित परिमाण की सूचना देते हैं। अतः इसी आधार पर इनके भी दो उपभेद हो जाते हैं निश्चित परिमाणवाचक विशेषण तथा अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण देखिए दोनों के उदाहरण-

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निश्चित परिमाणवाचक विशेषण -


(1) माँ ने दो किलो आलू खरीदे।


(ii) एक किलो प्याज दीजिए।


अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण -


(1) मुझे थोड़े चावल चाहिए।


(ii) कल मैंने बहुत खाना खाया।